मुझे माफ़ कर दो – करुणा मलिक
“दीदी, चल पड़ी हो क्या?”“हाँ भाभी, ट्रेन चल पड़ी है।”“सीट तो ठीक मिल गई? बच्चों के साथ कोई परेशानी तो नहीं होगी? जीजाजी भी आ जाते तो अच्छा रहता।” “नहीं-नहीं भाभी, कोई दिक्कत नहीं। आराम से पहुँच जाएँगे… चलिए रखती हूँ। मिलने पर बात करेंगे।” “ठीक है। जल्दी से आ जाइए।” फोन रखते ही विभा … Read more