देर आए दुरुस्त आए – संगीता त्रिपाठी  : Moral Stories in Hindi

घंटी की तेज आवाज सुन गीता की नींद टूट गई, इस समय कौन आया होगा सोच दरवाजा खोलने चली गई, दरवाजा खोलते ही आश्चर्यचकित हो गई। सामने गोद में कम्बल में लपेटे गिन्नी को लिये नील और नेहा खड़े थे। चेहरे की रंगत ही बता रही दोनों कई दिनों से ठीक से सोये नहीं।दोनों की … Read more

रक्तदान – मेरा पहला प्यार – सांची शर्मा  : Moral Stories in Hindi

एक अखबार में आर्टिकल के लिए इंटरव्यू देते समय जब कुणाल से पूछा कि आखिर यह काम करने की प्रेरणा उसे कहां से मिली तो मुस्कुरा कर बस यही बोला कि रक्तदान मेरा पहला प्यार है और फिर वह अपनी सांझ के बारे में सोचने लगा। उसे खुद को भी याद नहीं की कब से.. … Read more

किटी पार्टी – अर्चना सिंह  : Moral Stories in Hindi

आज की सुबह बहुत अलसायी हुई, सुस्त सी महसूस हो रही थी ।  मधु ने सोचते हुए झट से खिड़की के पर्दे को हटाया । एक तो आज इतवार भी था, और आज ही उसे देर तक सोने का मन भी था । न जाने क्यों आज स्कूल वाले समय पर आँखें खुल गईं ।  … Read more

बाबुल – के कामेश्वरी   : Moral Stories in Hindi

विनया शादी करके ससुराल जो गई फिर मायके की तरफ़ मुड़कर नहीं देखा था । माता-पिता सोचते थे कि बिटिया वहाँ इतनी खुश है कि उसे मायके की याद ही नहीं आ रही है । चलो अच्छा है उसे ऐसा अच्छा ससुराल मिला है । विनया मायके आई नहीं थी परंतु फोन पर बातें अक्सर … Read more

राखी और कजलियां – शुभ्रा बैनर्जी   : Moral Stories in Hindi

सुबह से ही राखी की तैयारी कर रही थी रजनी।भद्रा लगने के कारण दोपहर को ही राखी बंध पाएगी।रजनी ने सोचा पकवान तो बना ही लूं।निधि भोर पांच बजे पहुंची है बैंगलुरू से।काम से छुट्टी तो नहीं मिली थी, वर्क फ्राम होम ले लिया उसने।नवीन को तो काम पर जाना था।दोपहर तक आ जाएगा वो। … Read more

आपकी बेटी होती तो.. – विभा गुप्ता   : Moral Stories in Hindi

दिव्या और शिल्पी बचपन की सहेलियाँ थीं।दोनों एक ही स्कूल और एक ही क्लास में पढ़ती थीं।पढ़ाई के साथ-साथ दोनों स्कूल की खेल प्रतियोगिता और संगीत प्रतियोगिता में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती थीं।दिव्या तेज स्वभाव की थी।उसे गलत बात बर्दाश्त नहीं होती थी।विशेषकर उसकी सहेली को कोई कुछ कह दे तो वह उससे झगड़ा … Read more

आशियाना – बालेश्वर गुप्ता   : Moral Stories in Hindi

  जानती हो गुड़िया की माँ,हमारी गुड़िया सचमुच में लक्ष्मी है,इसका घर मे आना हुआ उधर मालिक ने बहुत कम कीमत पर वो छोटा सा प्लाट दे दिया।अब हम धीरे धीरे अपना घर बना लेंगे।हमारी गुड़िया बहुत भागवान है,री।      अरे ये तो बहुत ही अच्छा हो गया।अब हमारा भी घर हो जायेगा।कब से अपने घर का … Read more

बाबुल – वीणा सिंह   : Moral Stories in Hindi

दो बहनों और एक भाई के बाद मेरा जनम हुआ था… जनम के दो महीने बाद हीं मां की मृत्यु हो गई… पापा और दादी ने कैसे मुझे पाला… थोड़ा समझदार होने पर जब दादी बताती तो आश्चर्य होता.. प्यार से मेरा नाम रखा निधि….. अपने पांचों बच्चों में पापा सबसे ज्यादा मुझे प्यार करते … Read more

मैं जल्दी ही लौट कर आऊँगा….. – रश्मि प्रकाश   : Moral Stories in Hindi

 अपने दिलो दिमाग़ से लड़ती कज़री अपने कमरे से एक एक सामान समेट रही थी…. आँखों से आँसू थमने का नाम नहीं ले रहा था….ससुराल वालों के तानों से आहत मन और दिमाग़ में उनके बातों के हथौड़े के चोट से वो पूरी तरह घायल हो चुकी थी…. बेटी की ये हालत देख कर उसके … Read more

सुनहरी धूप – अनुज सारस्वत  : Moral Stories in Hindi

“मम्मी आप मुझे यूं आप भाभी से छुप छुप के सामान रूपये मत दिया करो।ये बहुत नाराज होते हैं।कहते हैं कोई कमी रखी जा रही जो यह काम हो रहा ।वो तो मैं कह देती हूँ कि माँ बाप का प्यार है मैं कैसे मना करूं।लेकिन आपको तो पता है ये बहुत खुद्दार हैं।शुरू से … Read more

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