भाग्यहीन – एकता बिश्नोई : Moral Stories in Hindi

नीलू अपनी बीमारी से अब स्वयं ही परेशान हो चुकी थी। क्योंकि बीमारी में दवा और आराम की जरूरत होती है जो उसके नसीब में नहीं था।घर में उसकी सेवा करने वाला था ही कौन? बीमारी में भी घर का सारा काम उसे ही करना होता था…बेटियाँ दोनों छोटी थीं अभी, लगभग तीन और पाँच … Read more

भाग्यहीन – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

मौसी ,ताई, बुआ सबने आरती उतार दी नई बहू की ,और अब दादी पोते आयुष से कह रही थी बेटा आयुष बहू को लेकर अंदर आओ। नहीं दादी सबने तो आरती उतार दी लेकिन मम्मी ने नहीं उतारी वो दिखाई नहीं दे रही है कहां है मम्मी,बुलाओ उनको तभी मैं अंदर आऊंगा। बेटा जिद न … Read more

सलाह – पुष्पा कुमारी “पुष्प” : Moral Stories in Hindi

“आप इतनी देर से फोन पर किससे बातें कर रहे थे?. ऐसा लग रहा था जैसे आप किसी से रुपयों के लेन-देन की बात कर रहे थे!” दोपहर के खाने की तैयारी कर रही रश्मि के कान रसोई से सटे हॉल में बैठे अपने पति के द्वारा फोन पर किसी से रूपए पैसे को लेकर … Read more

संस्कार विहीन – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

दीप्ति को देखने आज फिर एक परिवार आया था। माता-पिता एवं बेटा। बेटा जतिन एक सरकारी नौकरी में कनिष्ठ अभियंता के पद पर बिजली विभाग में अभी -अभी चयनित हुआ था।उसका एवं उसके माता-पिता का दिमाग अभी सातवें आसमान पर था क्योंकि सरकारी नौकरी में बेटे का चयन जो हो चुका था। दीप्ति अभी इंजीनियरिंग … Read more

भाग्यहीन – रोनिता : Moral Stories in Hindi

अरे गीत, इधर भी दो नाश्ता। ध्यान कहां रहता है तुम्हारा? यह कहते हुए कावेरी जी अपनी बेटी की सास शोभा जी से कहती है, वह क्या है ना बहन जी? इस पर से जो ज़रा सा भी ध्यान हटाओ तो इसकी कामचोरी शुरू  शोभा जी:  बहन जी! बुरा ना माने तो एक बात पूछूं? … Read more

मैं नहीं भाग्यहीन – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

अभी कुछ दिन पहले ही रमाकांत जी अपनी बिटिया आन्या का ब्याह बहुत ही धूमधाम से कराया था। पेशे से एक बैंक के क्लर्क रमाकांत जी ने अपनी हैसियत से बढ़कर दान दहेज दिया और बहुत ही धूमधाम से अपनी बेटी की शादी करवाई। और फिर आन्या जैसी लड़की तो किस्मत वालों को मिलती है।पढ़ी-लिखी … Read more

भाग्यहीन – डाॅक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

माता-पिता की दुलारी,सास-ससुर की प्यारी और दो बेटों की माँ सुमन मात्र 35 वर्ष की उम्र में भगवान को प्यारी हो गई। किसी ने सोचा भी न था कि इतनी खुबसूरत  और बड़े घर की बेटी होने के बावजूद   सुमन का भाग्य विधाता ने इतना खराब लिख दिया था।  नाम  अनुसार ही बचपन में … Read more

रिटायरमेंट – कंचन श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

गंभीर बीमारी की वजह से श्याम बाबू दो महीने से नौकरी पर नही जा रहे जिसकी वजह से घर खर्च चलाना मुश्किल हो रहा पर कोई कुछ बोल नही रहा जैसे तैसे रेखा अपने अकेले दम पर गाड़ी खींच रही। अब इसे खीचना नही तो और क्या कहेंगे बीमारी की वजह से रखी रकम भी … Read more

भाग्यहीन – सुनीता परसाई   : Moral Stories in Hindi

शुभ्रा जैसा नाम था, वैसी ही सुन्दर गोरी चिट्टी तीखे नैन नक्श वाली थी। दिनभर चाची के तानें सुनती रहती ।आँसू छिपाये काम करती रहती। जन्म के साथ ही माँ भगवान को प्यारी हो गई। शुभ्रा की माँ व चाची बड़े प्रेम से रहती थीं।मरते समय शुभ्रा की माँ चाची की गोद में शुभ्रा को … Read more

भाग्यहीन – अर्चना खंडेलवाल  : Moral Stories in Hindi

क्या कहा? इस बार भी बेटा हुआ है, बड़ी नसीब वाली है, हमारी मीना, जो इसके होने के बाद चार बेटे और हो गये, हमारा तो जीवन सफल हो गया, ईश्वर ने एक बेटी और चार बेटे दे दिए, अब तो हमारा कुनबा और बढ़ेगा, सुरेश नानाजी जी ने पूरे गांव में लड्डू बंटवाये और … Read more

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