बांह चढ़ाना – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

“अरे अमन! आज लंच नहीं करना है क्या?” “लगता है आज घर से बहुत खा कर आया है!” “हां हां, कुंभकरण की तरह!” “इसलिए कुंभकरण की तरह घोड़े बेचकर सो रहा है!” अपने सहपाठियों की ये टिप्पणियां सुनकर अमन गुस्से में उठा और अपनी बांह चढ़ा ली। “मैं कुंभकरण हूं ना! अब दिखाता हूं तुम्हें … Read more

“रिश्तों की अहमियत” – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

सोनिया अपनी मां साधना के साथ गर्मियों की छुट्टियों में अपनी दादी के घर आई थी। 13 वर्षीय सोनिया बहुत चंचल और मासूम थी, लेकिन अपने बचपने और कम उम्र के कारण कभी-कभी चीजों को पूरी तरह समझ नहीं पाती थी। दादी के घर की गर्माहट और अपनापन उसे अच्छा तो लगता था, लेकिन दादी … Read more

घुंघरू – प्रियंका सक्सेना : Moral Stories in Hindi

आठ साल की सिया अपनी उम्र से कहीं ज्यादा चंचल और खुशमिजाज बच्ची थी। उसका मन हर उस चीज़ में लगता था, जिसमें रचनात्मकता और कला का कोई भी अंश हो। जब वह घर के आंगन में नाचती, तो उसकी हर हरकत मानो कहती कि यह उसकी जिंदगी का सबसे प्यारा पल है। उसकी मां … Read more

“प्यार भरी झप्पी का जादू” – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

रीमा की शादी को तीन साल हो चुके थे। वह एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती थी और ऑफिस की जिम्मेदारियों के बीच घर की देखभाल भी उसकी प्राथमिकताओं में थी। रीमा के ससुराल में उसकी सासू माँ, ससुर जी, और पति रोहन रहते थे। सासू माँ, शारदा देवी, पारंपरिक मूल्यों को मानने वाली एक … Read more

अनमोल तोहफा – बेला पुनिवाला : Moral Stories in Hindi

संध्या और राजेश की शादी को 25 साल हो चुके थे। ये 25 साल उनके जीवन के उतार-चढ़ाव, संघर्ष, और खुशियों से भरे हुए थे। इस सफर में उन्होंने साथ में हर चुनौती का सामना किया और हर खुशी को बांटा। लेकिन इन सबके बीच, जैसे-जैसे जीवन की व्यस्तता बढ़ी, समय का महत्व कहीं पीछे … Read more

“हंसती बहू, मुस्कुराती सास”- सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

सीमा अपने घर के आंगन में बैठी थी, और पास ही काकी अपने कुछ पुराने किस्से सुनाने में व्यस्त थीं। सीमा का ध्यान हाल ही में घर में आए बदलावों पर था। बहू के आने के बाद से घर में मानो रौनक सी आ गई थी। पहले जहां हर कोना खामोश सा रहता था, अब … Read more

“मायके की निशानी” – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

चारु की माँ का निधन पूरे परिवार के लिए एक गहरा आघात था। चारु और उसके भाई के लिए माँ का जाना एक ऐसा खालीपन था, जिसे कोई भर नहीं सकता था। अंतिम संस्कार और तेरहवीं के सारे संस्कार पूरे हो चुके थे। घर में अब सन्नाटा पसर चुका था। वह सन्नाटा जो हर किसी … Read more

आखिरी फैसला – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

मैं सिया तीस वर्ष की उम्र में जीवन का बेहद नाजुक कठिन और चुनौती भरा घर परिवार छोड़ने का #आखिरी फैसला #लिया था.. उस समय मेरे साथ सात साल का रोहन और स्टेट बैंक की दस साल पुरानी नौकरी, कुछ कपड़े, कड़वे अनुभव अनिश्चित भविष्य और यादें साथ थी….                           कितना संघर्ष किया मैने… आज जब … Read more

माँ की वेदना – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  बस अपना मुकुल की नौकरी अमेरिका में लग जाये, तो अपने जीवन की मुराद पूरी हो जाये।         कह तो सही रहे हो मुकुल के पापा,तमने पैसे का इंतजाम कर ही लिया है, भगवान जरूर हमारी कामना पूर्ण करेंगे।बस कभी कभी मन मे ऐसे ही ख्याल आ जाता है मुकुल के पापा-वहाँ जाकर मुकुल हमे भूल … Read more

सम्मान – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

   ” अरे सतीश…तुम क्यों उस बिचारे की पिटाई कर रहे हो..बात-बात पर अपनी #बाँह चढ़ा लेने की तुम्हारी आदत अभी तक गई नहीं है..चलो यहाँ से..।” सतीश का हाथ पकड़कर खींचते हुए नवीन उसे भीड़ से बाहर आ गया।सतीश गुस्से-से बोला,” तू मुझे क्यों ले आया… मैं तो मार-मारकर उसकी हड्डी-पसली एक कर देता।”     ” … Read more

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