काश…. – संगीता अग्रवाल
” क्या बात है अंतरा क्या सोच रही हो ऐसे गुमगुम बैठी?” मासूमी अपनी दोस्त के घर पहुंच उसे गुमसुम देख बोली। ” कुछ नही यार बस ऐसे ही !” अंतरा अनमनी सी बोली। ” ऐसे तो नही कोई तो बात है ?” मासूमी ने जैसे ही अंतरा के कंधे पर हाथ रखा उसकी कराह … Read more