विधि का विधान कोई नहीं टाल सकता – संजय सिंह
आज मास्टर जी विद्यालय से वापस आकर ,अपने घर के बरामदे में चाय का कप लेकर बैठे थे ।चाय को खत्म करके, एकाएक घर की तरफ कुर्सी को घूमाकर सारे घर को ध्यानपूर्वक निहारने लगे और एक-एक करके अपने अतीत को याद करने लगे ।पहला चेहरा माता-पिता का उनकी आंखों के सामने आया। माता-पिता का … Read more