कठपुतली – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi
मेरा मन का बावरा पंछी यादों के झरोखों से निकल ससुराल के रीति-रिवाजों को भूल,घर गृहस्थी के बंधन तोड़ मायके की चौखट लांघ बाबुल के आंगन में खट्टी मीठी यादों का चुग्गा लेने जा पहुंचा! जहां दादी भगवानके आगे आसन पर बैठी मनकों की माला फेरती राम राम का जाप तो जरूर कर रहीं थी … Read more