छल – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi
९० वर्षीय मां बिलख-बिलख कर रो रहीं थीं और बीच-बीच में अपने बेटे-बहू को भी कोसती जा रही थीं ‘तुम लोगों ने मेरे साथ इतना बड़ा छल क्यों किया ? मेरे पौत्र, मेरे जिगर के टुकड़े को मुझे पूछे-बताए बिना विदेश भेज दिया और मुझे कानों कान किसी ने भनक तक न लगने दी। हे … Read more