राज को राज रहने दो – विमला गुगलानी :Moral Stories in Hindi
“ ममी मेरी वो जयपुरी लहरिया लाल पीली चुन्नी नहीं मिल रही, कहीं देखी आपने, आज कालिज में तीज उत्सव मनाया जा रहा है, तो मैनें वो ओढ़नी थी” छवि ने तैयार होते होते मां से पूछा। “ मिलेगी कहां से, वो तो छाया को ओढ़े देखा मैनें, अभी अभी तो गई है , तेरे … Read more