मर्यादा एक स्त्री की – ज्योति आहूजा : Moral Stories in Hindi
संध्या के घर में एक छोटा सा फंक्शन था। जब भी उसे ब्यूटी से जुड़ा कोई काम करवाना होता, वह अपनी जान-पहचान वाली ब्यूटीशियन रूपा को ही बुला लेती थी। रूपा वही करती थी जैसा कहा जाए — बिना चूं-चपड़, बिना बहस। संध्या को लगता था कि काम करवाना सिर्फ़ पैसे देना नहीं होता — … Read more