मॉं मेरे हिस्से आयेगी। – अर्चना खण्डेलवाल
अरे! विभा जीजी आप आ गई , कमल खुशी से बोलते हुए उनके पैर छूने लगा और उनका सामान उठाकर अंदर ले गया, विभा ने मुंह बनाया, अभी तक कमल में अक्ल नहीं आई, ये नहीं शादी का घर है, जरा ढंग के कपड़े पहन लेता, गंवार का गंवार ही रहेगा, पढ़ लिख लेता तो … Read more