ज़रूरी नहीं हर कहानी घर की कहानी एक जैसी हो – गीतू महाजन, : Moral Stories in Hindi

“सुनो जी,शिप्रा पांच बजे तक पहुंच जाएगी तो उसकी पसंद की प्याज़ की कचौड़ियां आ और गुड़ वाला हलवा याद से ले आए थे ना आप”,रीमा जी ने घड़ी में देखते हुए अपने पति रमाकांत जी से कहा। “तुमने मुझसे कब कहा यह सब लाने को..अब तो चार बज रहे हैं और तुम्हें पता है … Read more

समय रहते समझ आ गई- विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

    “ यूं रूठो न हसीना, मेरी जान पे बन जाएगी”        पार्क के एक कोने में पेड़ों की ओट में  बैठे आर्यन ने एकता के आने पर जब हौले से ये गीत गुनगुनाया तो वो धीमे से मुस्करा दी। सच में ही वो पिछले हफ्ते से आर्यन से नाराज चल रही थी। दोनों एक ही आफिस … Read more

दादी का मी टाइम – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“माँ, दादी कहाँ है? दिख नहीं रही है। पूजा कर रही है क्या?” रूही ने चारों तरफ नजरें दौड़ाते हुए अपनी माँ से पूछा। पुणे में एमबीए की पढ़ाई कर रही रुही अचानक हुए लॉकडाउन के कारण हॉस्टल में ही फंस गई थी और कल देर रात ही महीने भर बाद स्पेशल ट्रेन से घर … Read more

भला कर दिया – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

“…सच कहती हूं अम्मा… आज सवेरे भी जब मैं अपने आंगन से फूल तोड़ती आई हूं, तो मंझले काका आपके आंगन से ही निकल रहे थे…!” ” पर बिन्नी बहू… उनको भला मेरे आंगन से क्या काम है री…!” ” यह तो अम्मा मैं क्या जानूं… मैंने तो जो देखा वह बता रही हूं…!”  एक … Read more

साज़िश – समिता बडियाल Moral Stories in Hindi

रीमा गुनगुनाती हुई अपने छोटे से बैग में कपडे डाल रही थी। उसकी माँ ने पूछा बेटा सारा सामान रख लिया ना कुछ और तो नहीं चाहिए। नहीं माँ सब हो गया , और हाँ कल सुबह ११-१२ बजे तक वापिस आ ही जाएंगे। आप परेशान मत होना। रीमा ने अपनी माँ से कहा और … Read more

अपने ही गलत हो तो क्यों चुप रहना – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

सुबह से मुआयना हो रहा था। छान बीन की जा रही थी कि इतने बड़े आलीशान बंगला में अपनी बेटी के गायब होने की रिपोर्ट डॉक्टर शरमन ने लिखवाई,सर मेरी बेटी काव्या कल से नहीं आई। सभी तरह से छानबीन में जुटी पुलिस तहकीकात करने में लगी थी। उनसे पूछा गया कि बेटी काव्या कितने … Read more

कल आज और कल – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

रिया सुबह हो गयी, और उठ गयी… उसे कमरे से आते देख अरे कोई सामान से टकरा न जाना , इतना ही शुभी की सास ने बोला ही था कि तभी शुभी चौंकते हुए बोली- मम्मी जी आप ऐसा क्यों बोल रही हो ? तब रीना जी कहती – समय देख रही हो ,आठ बजे … Read more

मूर्ख नहीं मैं -लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

माँ कहाँ हो,कहते हुए चाँदनी नें घर मे प्रवेश किया। सामने अपनी छोटी भाभी को देखकर उसने पूछा भाभी माँ कहाँ है? यह सुनकर उसकी भाभी को बहुत ही बुरा लगा, फिर भी उसने हँसते हुए कहाँ अरे!दीदी घोड़े पर सवार क्यों हो?  थोड़ा रुको अपनी भाभी से भी तो परनामा पाती(अभिवादन और हालचाल लेना … Read more

सपनों का आसमां – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

अनिका वनिका दोनों बहनों की शादी एक ही शहर में हुई| दोनों के बच्चे भी सेम स्कूल में पढ़ते थे| अनिका का बेटा लक्ष्य दसवीं में और वनिका की बेटी सुमि आठवीं में|अनिका का घर स्कूल के पास था इसलिए लक्ष्य तो खुद ही घर आ जाता था| जबकि वनिका का घर दूर होने के … Read more

अहं का रिसाव – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

        घर में तनाव का माहौल था। आठ बजे तक कोई उठा नहीं था। ऑंखें बन्द करने से दिन रात में तब्दील नहीं हो जाता।घर मे कुल पॉंच सदस्य थे। महेन्द्र,सुधा उनका बेटा रौनक, बहू शुभि और दो साल का पोता आरव।आज सिर्फ तीन सदस्य रह गए, शुभि कल रूठकर अपने मायके चली गई थी। उसका … Read more

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