वक़्त से डरो – गीता यादवेन्दु : Moral Stories in Hindi
किसी समय राजा-महाराजाओं जैसी शान रखने वाले गाँव के ज़मींदार व्यापारी सज्जन कुमार आज खाट पर पड़े पड़े मृत्यु का इंतज़ार कर रहे हैं । उनकी सेवा-सुश्रुभा करने वाले नौकर-चाकर भी परेशान हो गए हैं और कुड़ कुड़ कर देखभाल के नाम पर बस रसमअ दायगी करते हैं । “कब तलक गोड़ रगड़ेगो सज्जना अब … Read more