विश्वासघात – उमा वर्मा
अजी सुनती हो,शोभा का रिश्ता तय करके आया हूँ “राघव जी ने पसीना पोछते हुए अपनी पत्नी गीता को पुकार कर कहा ।”कहाँ तय कर दिया? कुछ बताया भी नहीं “गीता अचानक खुशी से अकबका गई ।”अरे वो शुक्ला जी हैं न, रामपुर वाले,उन्ही का बेटा है श्याम उसी से बिना लेनदेन के बात पक्की … Read more