“तमाशा और मरहम” – सीमा श्रीवास्तव
:** जिस मोहल्ले की वाह-वाही लूटने के लिए आप अपने घर की इज्जत नीलाम कर रहे हैं, याद रखियेगा, बुढ़ापे में प्यास लगने पर पानी का गिलास वो मोहल्ला नहीं, वही ‘बुरी’ बहू लेकर आएगी। क्या दूसरों की सहानुभूति पाने की लत एक सास को इतना अंधा कर सकती है कि उसे अपनी बहू का … Read more