लेना देना तो प्रकृति का नियम है
बधाई हो सेठानी,पोता हुआ है इसबार पैसो से काम नहीं चलेगा, सोने का हार लुंगी।आज सेठ रामदयाल जी के यहाँ पोता का बधाई गाने किन्नर समाज के लोग आए थे और इस ख़ुशी के अवसर तरह तरह के नेग न्योछावर की माँग कर रहे थे। सेठानी नें कहा दूंगी,क्यों नहीं दूंगी? भगवान की दया से … Read more