देर आये दुरुस्त आये – संगीता अग्रवाल
” बेटा साक्षी कहाँ चल दी सुबह सुबह ?” सास सरिता अपनी बहू से बोली। ” मम्मी जी वो चाची जी ने बुलाया है उनकी बेटी का सिंधारा जायेगा तो बोली आकर गुंजिया बना दियो तो बस वही बनाने जा रही हूँ !” साक्षी बोली। “पर बेटा तुम्हे तो कल बुखार था अब आज घंटों … Read more