अब और नहीं – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi
आँगन में तुलसी का चौरा, दीवार पर टंगी घड़ी की टिक-टिक और रसोई से आती सब्ज़ी की हल्की-सी ख़ुशबू… यही था वह घर, जहाँ सबकी चहेती खुशी रहती थी। नाम के अनुरूप सबको खुशियाँ बाँटने वाली। कोई काम कह दो, तो तुरंत हाज़िर। कोई ज़िम्मेदारी सौंप दो, तो पूरी शिद्दत से निभाने वाली। खुशी हमेशा … Read more