दुल्हन – कंचन श्रीवास्तव
मिन्नत करती हुई – रुको न थोड़े दिन और साथ रह लेने दो,देखो न बिगड़ती हालत देखकर लोग कैसे बिलख रहें हैं।इधर उधर भाग रहे ,दवा, दुआ सब कर रहे ।पर कोई फायदा नहीं हो रहा मैं देख रही हूं कि और पैसे भी खत्म हो गए पत्नी का गहन गिरवी पड़ा है सेठ साहूकार … Read more