दुल्हन – कंचन श्रीवास्तव 

मिन्नत करती हुई – रुको न थोड़े दिन और साथ रह लेने दो,देखो न बिगड़ती हालत देखकर लोग कैसे बिलख रहें हैं।इधर उधर भाग रहे ,दवा, दुआ सब कर रहे ।पर कोई फायदा नहीं हो रहा मैं देख रही हूं कि और  पैसे भी खत्म हो गए पत्नी का गहन गिरवी पड़ा है सेठ साहूकार … Read more

एहसास – माता प्रसाद दुबे,

” सुनिए जी.. बाहर वाला कमरा कब तक तैयार हो जाएगा?” सरिता कमरे के अंदर आते हुए प्रकाश से बोली।”दस बारह दिन और लगेंगे?” सरिता की तरफ बिना देखे ही प्रकाश बोला। “अभी पूरी दीवार बननी बाकी है..आप दो चार मजदूर बढ़ा क्यो नही देते..काम और जल्दी हो जाएगा?” सरिता  झुंझलाते हुए प्रकाश से बोली। … Read more

एक प्यारा सा रिश्ता – डा.मधु आंधीवाल

एक पेड़ के नीचे एक कृशकाय महिला प्रति दिन चुपचाप बैठी रहती थी । रुचिका सुबह कालिज आती जाती उसे देखती  थी । वह किसी से ना भीख मांगती ना कुछ  बोलती थी । आंखों में उदासी और  टकटकी लगाये रास्ता  निहारती । एक दिन रुचिका वहां से निकली तो देखा वहाँ भीड़ लगी हुई … Read more

कसक—–डा.मधु आंधीवाल

शोभित मुस्कुराता हुआ अपने मोबाइल पर फटाफट उँगलियां दौड़ा रहा था! उसकी पत्नी नीरजा बहुत देर से उसके पास बैठी खामोशी से देख रही थी, जो उसकी रोज़ की आदत हो गई थी और जब भी कोई बात शोभित  से करती तो जवाब ‘हाँ’ ‘हूँ’ में ही होता या नपे-तुले शब्दों में! “किससे चैटिंग कर … Read more

निर्णय ——डा.मधु आंधीवाल

सब आ चुके थे रजत की तबियत अधिक बिगड़ती जा रही थी ।उर्बि को कुछ समझ नहीं आ रहा था । वह अपने को बहुत संभाले हुई थी । बच्चे बाहर थे दोनो बेटियाँ और बेटा । सब शाम तक आजायेगे । रजत की लापरवाही से बीमारी बढ़ती गयी ।अभी बच्चों की पूरी जिम्मेदारी थी … Read more

सच्चा साथ – लतिका श्रीवास्तव 

  नई नवेली दुल्हन मानसी  सौरभ के साथ जैसे ही अपनी सासू मां सुनंदा देवी के चरण स्पर्श करने के लिए झुकी ,सुनंदा देवी ने अपने पैर तत्क्षण तेजी से पीछे हटा लिए यह सौरभ की तेज नजरों से अछूता नहीं रहा….मानसी की खूबसूरत आंखों के अनमोल  आंसू उसके हाथो के आश्वासन भरे स्पर्श से पलकों … Read more

*बचपन * – अनु ‘इंदु’

” अरे कानन तुम ? आज़ इतने दिनों बाद याद आई मेरी ? जब से यहाँ से मॉडल टाउन में शिफ्ट हुई हो , तुमने तो मिलना ही छोड़ दिया । चलो दिवाली के बहाने से सही तुम आई तो सही । बहुत सुँदर है बेटी तुम्हारी , कितनी बड़ी हो गई । जब तुम … Read more

पति पत्नी और लॉकडाउन..! – विनोद सिन्हा “सुदामा”

#वैरी_पिया बड़ा बेदर्दी……. माँ के घर जैसे ही पहुँची हॉल में लगे टीवी पर ऐश्वर्या पर फिल्माया गाना चल रहा था.. हालांकि काफी खूबसूरत गाना है पर जानें क्यूँ सुनकर मन में कोफ्त से भर उठा  था..उस रोज माँ टीवी देख रही थी… मैंने झुककर प्रणाम किया… पैरों पर मेरे हाँथों की छुअन महसूस हुई … Read more

सुबह की पहली किरण – नीरजा कृष्णा

बेला रातभर तेज बुखार में तपती रही थी। पूरा घर परेशान था , डाक्टर की बताई दवाएं किसी प्रकार दी गई थी पर बुखार कहाँ मान रहा था। इसी तरह पूरी रात बीत गई थी, उसने एक मिनट के लिए भी आँखें नहीं खोली थी। सुबह वो कसमसाई थी…शायद बुखार की तीव्रता कुछ कम हुई … Read more

~~वफादारी~~अनुज सारस्वत

भौंऽऽ भौंऽऽ देख कैसे इतराती हुई जा रही मालिक के साथ, ज्यादा ऐशो आराम में पल रही ,लेकिन कुछ भी करले रहेगी तो कुतिया ही ,अरे राॅकी देख तो नखरे इसके इंसान बनने की कोशिश कर रही,हाहाहा भौंऽऽभौंऽऽ“ आलीशान घर में रहने वाली मादा पवेलियन डाॅगी को देखते हुए ,गली के कुत्ते कालू ने अपने … Read more

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