बच्चे मन के सच्चे – मनी शर्मा
बच्चे कितने सरल होते हैं। ऊँच नीच जात पात किसी का भेद नहीं समझते बस अपनी सच्ची नज़र से दुनिया देखते हैं। उस दिन हमारे घर काम करने वाली सोनी के साथ उसकी पाँच वर्ष की बेटी आई। एक बार तो मैं देखती रह गई। गोरा रंग, बड़ी बड़ी आँखों में मोटा मोटा काजल ,गोल … Read more