माँ जाये – दीप्ति सिंह
सारा कुनबा एक ही शहर में बसा होने के कारण बुआ जी दोनों ताऊओं को राखी बाँध कर आ गयी थीं।मैंने भी अपने भाई विजय व भाभी को राखी बाँधी और बुआ जी ने पिताजी -माँ को। कुछ देर बाद बड़े ताऊजी के बेटे श्याम भईया अपनी बहन मीता दी और रमा भाभी ,दोनों … Read more