मदद – पुष्पा कुमारी “पुष्प
“शोभा बिटिया!.कब आई ससुराल से?” दो घर छोड़कर पड़ोस में रहने वाले कुंती काकी ने दरवाजे पर कदम रखते ही सामने रसोई में अपनी भाभी की मदद करती शोभा को देख टोक दिया। “आइए बैठिए काकी!.शोभा कल ही अपने ससुराल से आई है।” शोभा की मांँ कुंती काकी को देख खुश हुई और वहीं पड़ी … Read more