और दीप जल उठे – किरण केशरे
माधव और गुनिया रोटी चटनी की पोटली बांध कर सेठ धरमराज की कोठी पर आज सुबह सुबह ही साज-सज्जा के लिए चले गए थे ! सेठजी ने कल शाम को ही कड़ा निर्देश दे दिया था की, कल जल्दी कोठी पर आकर सजावट और हार तोरण से पूरी कोठी को सजाना है ,दीपावली के दिन … Read more