सॉरी माँ – प्रीति आनंद अस्थाना
“पापा, आप आएँगे न आज पेरेंट टीचर मीटिंग में? टीचर जी ने आपको याद दिलाने बोला है।” रिया ने नाश्ते के वक्त रचित से कहा। “आऊँगा न, कितने बजे है ये मीटिंग?” “ग्यारह बजे से पापा।” “ओके “ हाफ़-डे ऑफ़ लेने की सोच ली है रचित ने। और आज तो ऐसे भी उसे स्कूल जाना … Read more