अपनों की पहचान – परमा दत्त झा : Moral Stories in Hindi

आज रजनी बहुत दुखी थी। कारण भी बड़ा अजीब था—जिस राजेश बाबू को वह जीवनभर ताने देती रही, बुरा-भला कहती रही, उसी इंसान ने उसकी जिंदगी के सबसे कठिन क्षण में उसका सहारा बनकर उसके पति की जान बचाई थी। आज से आठ दिन पहले अचानक मदन जी को दिल का दौरा पड़ा था। पूरा … Read more

टूटती साँसे – नीरज श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

बूढ़े कदम मंजिल को ओर बढ़ रहे थे। दोनों हाथों से साइकिल की हैंडिल संभाले सुदेश मन ही मन कुछ सोच रहा था। साइकिल पर हर प्रकार के खिलौने लदे हुए थे। देखते ही देखते सुदेश अचानक एक चौराहे पर रुक गया और एक तरफ खिलौनों को नीचे उतारने लगा। शायद उसकी मंजिल आ चुकी … Read more

झूठ हमेशा झूठ ही रहेगा – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

   “जाओ मुझे तुमसे कोई बात नहीं करनी, रोज रोज की चिक चिक से तंग आ चुकी हूं मैं, जब भी पूछो, कल बात करता हूं, कल बात करता हूं, पता नहीं तुम्हारा ये कल कब आएगा”, विभा ने    पुनीत से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा        “ बस सिर्फ एक हफ्ता और दे दो, ये बात … Read more

आंखे नीची होना – रीतू गुप्ता : Short Story in Hindi

देखिए ना, जब से गणेश विसर्जन करके आए है, विनायक तब से रो रहा है, चुप ही नहीं हो रहा-  रिंकी ने अपने पति अंशुमन से कहा । अंशुमन .. अरे! उसे बप्पा के साथ अटैचमेंट हो गया होगा,आज विसर्जन हुआ है ना इसीलिए रो रहा है। एक दो दिन में भूल जाएगा तुम चिंता … Read more

द्वेष – कविता झा’अविका : Moral Stories in Hindi

अंशिका बहुत ही उत्साहित थी जब उसे पता चला कि वो रेलवे की  परीक्षा में पास हो गई है और इंटरव्यू उस शहर में हो रहा है जहां उसकी अपनी बहन रहती है।  वैसे भी बहुत दिनों से वो दीदी से मिलना चाह रही थी। पहले वो अपनी  पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में व्यस्त होने … Read more

पत्थर दिल – बीना शुक्ला : Moral Stories in Hindi

आज नीलाक्ष बहुत खुश था। कल कोर्ट के फैसले का आखिरी दिन है। उसने शोभना की हर शर्त मान ली थी।  निर्णय सुनाने के पहले जज ने उसे और शोभना को एक बार मिलने की औपचारिकता का समय भी दिया। उस समय भी शोभना ने फिर उससे कहा – ” मुझे क्षमा कर दो नीलाक्ष। … Read more

झूठे दिखावे से जिंदगी नहीं चलती – सुदर्शन सचदेवा  : Moral Stories in Hindi

रोहित शर्मा की कॉलोनी  में बड़ी धाक थी | पैसों की कोई कमी नहीं थी और उनका शौंक था हर चीज में दिखावा करना | बेटी की शादी उन्होने फाइव स्टार होटल में करने का निश्चय किया | मेहमानों को कार्ड के साथ अच्छी सी पैंकिग में ड्राई फ्रूट्स,  और सोने का ब्रेसलेट, दुल्हन के … Read more

एन आर आई – एमपी सिंह : Moral Stories in Hindi

अवतार सिंह और करतार सिंह पंजाब के लुधियाना शहर के पास एक गांव में रहते थे। अवतार का बेटा अर्जुन और करतार की बेटी कुन्ती बचपन से कॉलेज तक साथ साथ पढ़ते थे। दोनों परिवार खेती करते थे, जमीन तो ज्यादा नहीं थी, पर गुजारा हो जाता था। दोनों परिवारों में अच्छा रिश्ता था। अर्जुन … Read more

तो क्या वह दिखावा था – पुष्पा पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

सुबह से ही विजय बाबू सिर दर्द से परेशान थे। दोपहर होते-होते बुखार भी आ गया।  गाड़ी चलाकर डाॅक्टर के पास जा नहीं सकते थे। कैब बुलाकर जा सकते थे, लेकिन आलस बस डाॅक्टर से फोन पर ही बात कर लिए। डाॅक्टर साहब परिचित थे। मौसमी बुखार था। घर में विजय बाबू के साथ एक … Read more

अपने तो अपने होते हैं – ज्योति आहूजा : Moral Stories in Hindi

रात के साढ़े बारह बजे थे। पूरा घर नींद में डूबा था, लेकिन रिया के कमरे से रोशनी बाहर झाँक रही थी। कमरे की सारी लाइटें जली थीं और एक कोने को रंगीन लाइट्स, पर्दों और फूलों से सजा कर उसने अपना छोटा-सा स्टूडियो बना लिया था। मोबाइल कैमरा ट्राइपॉड पर टिकाया था और वो … Read more

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