घर-परिवार – पूजा मनोज अग्रवाल

विवाह के बाद कुछ खट्टे मीठे अनुभवों से जीवन की नई पारी की शुरुआत हो रही थी । अंतर्जातीय विवाह के चलते सब रीति -रिवाज  , परम्पराएं सब मायके से बिल्कुल भिन्न थी , इसलिये सबसे सामंजस्य बिठाने में भी मुझे थोड़ी परेशानी का अनुभव हो रहा था । खैर , सोना भी आग मे … Read more

एक मुट्ठी उम्मीद,, – सुषमा यादव

मैं अठयासी साल में चल रहा हूं, अपने बेटी के साथ ही रहता हूं, बेटे बहू ने बहुत साल पहले ही हमसे पल्ला झाड़ लिया था, मुझे और मेरी पत्नी को दस दिन रखने के बाद गाड़ी करके गांव भिजवा दिया था कि मेरे घर में आप लोगों के लिए जगह नहीं है,, मैं इस … Read more

*पुरानी यूनिफॉर्म* – अर्चना नाकरा

दीवार पर लटकी बेटे की तस्वीर देखकर सरोज ठंडी आहें भर रही थी कहां ‘स्कूल से एक भी छुट्टी ना लेने वाली सरोज’ अब,’ स्कूल जाने से भी कतराने लगी थी’ कसूर क्या था उसका? पति के जाने के बाद, उसे “विधवा कोटे से” अनुकंपा नौकरी मिली थी गृहस्थि टूट गई थी पर हिम्मत नहीं! … Read more

 बेटे में अटके उसके प्राण – सुषमा यादव

,,तेरा पिछले जन्म का है , मुझसे रिश्ता कोई, ,,वो कौन थी,,जो सबको दगा दे गई,,   मेरी दोनों बेटियां बोर्डिंग स्कूल नैनीताल में पढ़ने चली गईं थीं । बड़ी बेटी के बाद जब छोटी बेटी भी वहां पढ़ने चली गई तो घर मानो काट खाने को दौड़ रहा हो,, मैं और ये नौकरी पर … Read more

आप ही हो मेरी प्रेरणा शक्ति – अर्चना कोहली ‘अर्चि’

आज ऑफिस में सब तरफ गहमागहमी है। किसी का भी काम में मन नहीं लग रहा है। आखिर आज ऑफिस में सबकी सालभर की मेहनत का नतीजा वेतन-वृद्धि के रूप में जो मिलना है। एक-एक करके सब बॉस के ऑफिस में आ-जा रहे थे। किसी के मुखमंडल पर खुशी तो किसी के मुखमंडल पर उदासी … Read more

अब पछताए होत क्या , जब चिड़िया चुग गई खेत !! – सरगम भट्ट

बिटिया की फोटो कलेजे से चिपका विलाप कर रही  ठकुराइन ,  रोने के साथ-साथ ना जाने कितनी गालियां और बद्दुआएं भी दे रही थी । और हां उन लोगों को सबक सिखाने का भी ठान रही है । लेकिन काश ! ठकुराइन समय रहते कदम उठा लेती , तो ऐसी नौबत क्यों आती । लेकिन … Read more

मुझे भी आराम चाहिए – के कामेश्वरी

माधुरी पूना के एक बहुत बड़े स्कूल में तीस साल से काम कर रही थी । वह अपनी मेहनत से हेडमिस्ट्रेस भी बन गई थी । उसकी दोनों बेटियों ने भी अपनी पढ़ाई वहीं उसी स्कूल से पूरी की थी । अपनी तीस साल की नौकरी से आज वह रिटायर हो रही थी । बहुत … Read more

जीवन साथी के प्यार में ताक़त होती है – के कामेश्वरी

राघवेंद्र और अलवेलु साठ साल से अपना जीवन साथ गुज़ार रहे थे । कल रात अलवेलु की तबियत अचानक बिगड़ गई थी । राघवेंद्र ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया बच्चों को सूचित कर दिया ।सब आ गए पर अलवेलु आँखें नहीं खोल रही थी । बाहर बैठे राघवेंद्र सोच रहा था कि जब से … Read more

लिपस्टिक – सपना शिवाले सोलंकी

————- ड्रेसिंग टेबल की सारी दराजें, कई कई बार छान चुकी,कबर्ड देख डाला । टेबल के नीचे ,हाथ घूँसा घुँसाकर , झाड़ू से कबर्ड के नीचे घुमाकर देख लिया, पर दिखाई नहीं दी… आज ही नहीं मिलनी थी ! जिस दिन ज़रूरी हो, बस उसी दिन, बल्कि उसी समय,कभी न मिलती चीज़ें और जब काम … Read more

फ़ूल : गेंदा फूल – सपना शिवाले सोलंकी

——————— हमारे गाँव के घर में बहुत बड़ी बाड़ी हुआ करती थी। बाड़ी में एक कुँआ उससे लगकर एक छोटा सा मकान था जिसमें “फूल” रहा करती थी। ‘फूल’ कोई फूल पत्तियों वाला ‘फूल’ नहीं बल्कि जीती जागती “फ़ूल” थी।बचपन से हम सब उन्हें “फूल” कहकर ही पुकारा करते । दरअसल, गाँव मोहल्ले में लोग … Read more

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