घर-परिवार – पूजा मनोज अग्रवाल
विवाह के बाद कुछ खट्टे मीठे अनुभवों से जीवन की नई पारी की शुरुआत हो रही थी । अंतर्जातीय विवाह के चलते सब रीति -रिवाज , परम्पराएं सब मायके से बिल्कुल भिन्न थी , इसलिये सबसे सामंजस्य बिठाने में भी मुझे थोड़ी परेशानी का अनुभव हो रहा था । खैर , सोना भी आग मे … Read more