जहां चाह वहां राह – सुनीता मुखर्जी “श्रुति” : Moral Stories in Hindi

आज दीप्ति असमंजस में थी। वह जिस जगह खड़ी है वही उसके जीवन में बहुत पहले घटित हो चुका था। आरोही और आरव दोनों दीप्ति के जुड़वा बच्चे थे। दोनों बच्चे साथ- साथ बड़े हुए। दोनों बच्चे संस्कारी एवं पढ़ाई में बहुत अच्छे थे। देखते-देखते कब बारहवीं पास कर लिये, पता ही नहीं चला।  दोनों … Read more

बड़ा भाई – कविता झा ‘अविका’ : Moral Stories in Hindi

रिक्शे पर बैठी ही थी आरोही कि आसमान में डेरा जमाए काले बादलों ने बरसना शुरू कर दिया। वैसे  तो काफी देर से उसे लग रहा था बारिश होने वाली है। उसकी ट्रेन का समय हो रहा था। जल्द से जल्द उसे स्टेशन पहुंचना होगा वरना बहुत देर न  हो जाए और वो कभी अपने … Read more

अपनों की पहचान -सुनीता वर्मा

आठ बज चुके थे |दुकान बंद करने का समय हो चुका था , इसलिए ‘एरा कॉर्नर’बुटीक का शटर गिरा कर कनु जैसे ही सीढ़ियों से नीचे उतरी ,सामने के मेडिकल स्टोर पर उसे एक परिचित चेहरा दिखा |नाम स्मरण आते ही उसकी आँखें खुशी से चमकने लगीं |जल्दी –जल्दी सड़क पार कर उसने नजदीक पहुँच … Read more

झूठे दिखावे से जिंदगी नहीं चलती – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi :

आज फिर नीता के ही दोनों बच्चे विनर घोषित किए गए हैं। स्कूल मैं फैंसी ड्रेस शो था। मीनल ने अपने बच्चों को फैंसी ड्रेस  शो में बेटी को फूल और बेटे को खरगोश बनाया था और इसके लिए वह बाजार से काफी महंगी ड्रेस किराए पर लाई थी, इसके विपरीत नीता ने बेटे को … Read more

झूठे दिखावे से जिंदगी नहीं चलती – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

भाभी जी अपनी क्राकरी दे दीजिए मेरी सहेलियां आ रहीं हैं । गीता का ये आए दिन का धंधा था। उसकी मांगे और दिखावे की जिंदगी से पड़ोसी रमा परेशान हो चुकी थी।कई बार तो उसने उसे समझाने की कोशिश भी किया कि,” गीता हमारे पास जो है उसी में संतुष्ट रहना चाहिए ना की … Read more

झूठे दिखावे से ज़िंदगी नहीं चलती – रश्मि सिंहल : Moral Stories in Hindi

अपने दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर मोनिका ने फोन उठाया। देखा कि नई ड्रेस और पर्स वाली उसकी पोस्ट पर ढेरों लाइक्स और प्रशंसा के कमेंट्स थे। उसका मन खुशी और गर्व से भर गया। सोशल मीडिया के दौर में जिसे देखो वही झूठी शान बघारने में लगा हुआ है। कोई दिखावे का एक छोटा … Read more

झूठे दिखावे से जिंदगी नहीं चलती – सीमा सिंघी : Moral Stories in Hindi

आंगन में धूप ने अपने पैर पसार लिए थे। ऐसे भी जाड़े की धूप तन और मन दोनों को ही बड़ी भली लगती है। सुधा जी अपनी छड़ी लेकर दीवार के सहारे से होते हुए आंगन में रखी सोफा पर आकर बैठ गई और अपने पैरों में हल्की-हल्की सरसों के तेल से खुद ही मालिश … Read more

दीवार – कंचन श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

मुझे पता है बिन दीवारों के घर नही होता पर ये जब ………… कहती सकती मृदुला कि आंखें भर आईं। बात उन दिनों की है  जब वो नईं नईं ब्याह कर आई थी।कार से उतरते ही ” अभी तो किसी का चेहरा भी नही देखा था ” लम्बे घूंघट में परछन कर धीरे से ज़मीन … Read more

प्यारी साजिश – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

सुबह से खुश लग रहे प्रयाग जी अचानक ही उदास और गमगीन से हो गए। उनकी पत्नी समीरा चाय बना रही थी ।वह चाय का बेसब्री से इंतजार भी कर रहे थे लेकिन अचानक  कोई फोन आया और वह घर से उठकर बाहर चले गए। जब तक समीरा चाय लेकर आई प्रयाग घर पर नहीं … Read more

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