हृदय परिवर्तन – गोमती सिंह

—–एक गांव के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक शिक्षक हुआ करते थे श्रीमान राजेश पटेल , इनका एक नियम था कि 12 वीं की परीक्षा के परिणाम घोषित होने वाले दिन उस विद्यालय में अध्ययन रत 12वीं कक्षा के सभी विद्यार्थियों को सिर्फ आधे घंटे  की सामाजिक विज्ञान की अतिरिक्त शिक्षा  देते थे ।          तुषार … Read more

मेरे सपनों का घर – मंगला श्रीवास्तव

माही का बचपन से ही सपना  था कि उसका अपना एक सपनों का घर होगा । जब छोटी थी तब सब लोग उससे कहते कि एक दिन तुझकों ये घर छोड़ कर अपने घर जाना होगा ससुराल ! जब वह अपनी माँ से पूछती थी क्या ये मेरा घर नही है माँ ,और रोने लगती … Read more

अंतर्मन – सुधा जैन

वसुधा अपने पति सुधीर और अपने दो बच्चों रोहित और रूपल के साथ अपने जीवन का आनंद ले रही थी ।बड़ी बिटिया रूपल का शिक्षा पूर्ण करके योग्य वर देखकर उसका विवाह कर दिया। रोहित को बचपन से ही देश सेवा की भावना थी, और वह उसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए सेना में चला … Read more

एक दूसरे से आजादी – सुधा जैन

“अब आप दोनों एक दूसरे से आजाद हो” कहते हुए कोर्ट में वकील ने उन्हें बधाई दी ,और उन दोनों का तलाक मंजूर हो गया। अवनी और अमन  के वैवाहिक जीवन को 12 वर्ष हो गए । 8 वर्ष  तक दोनों साथ में थे और 4 वर्षों से तलाक का प्रकरण चल रहा था। जैसे … Read more

बदलाव* –  मुकुन्द लाल

दफ्तर की ड्यूटी से लौटने के बाद कौशल जब घर पहुंँचता तो उसकी नवोढ़ा धर्मपत्नी के जूड़े में गुंथे हुए फूलों की खुशबू उसके होश ऐसे उड़ा देते थे कि उसको अपने बच्चों की सुध लेने की जरूरत ही महसूस नहीं होती थी। ज्योति अपने पापा को टुकुर-टुकुर देखती रह जाती थी,  किन्तु उसको कुछ … Read more

बदलाव जरूरी है पर … – के कामेश्वरी

कौशल्या के लिए पूरे मोहल्ले के घर अपने ही हैं । बिना किसी रोकटोक के धड़ल्ले से किसी के भी घर में वह घुस जाती थी । उम्र में बड़ी होने के कारण कोई उन्हें कुछ नहीं कहता था । सब उनसे सलाह मशवरा भी करते थे । ख़ासकर घर की औरतें पूजा पाठ अच्छी … Read more

एक शहीद का गांव – गीता वाधवानी

भारत के साथ हुई चीन की हिंसक झड़प में सुधा के फौजी पति नंदन  ने बहुत वीरता से दुश्मनों का सामना किया और लड़ते लड़ते शहीद हो गया।        यह समाचार सुनकर सुधा रो-रोकर बेहाल हो गई। 8 महीने की गर्भवती थी सुधा। नंदन  अपने बच्चे का मुंह भी नहीं देख पाया।       “सुधा, तुम्हारी डिलीवरी के … Read more

जीवनदायिनी बहना  – डॉ उर्मिला शर्मा

हमेशा की तरह अनु ने बच्चों को स्कूल और पति के दुकान पर जाने के बाद अनुराग भैया को फोन लगा उनका हालचाल पूछा। फिर भाभी को फोन लगाई। भैया सम्बन्धी खबर और हिदायतें भाभी को दिया। भैया को लंच तो दिया न, लो सोडियम नमक डालना तो न भूलीं आदि। रोज ही वो इन … Read more

“आखिरी राखी” – डॉ. अनुपमा श्रीवास्तवा 

तूझे मना किया था न कि मुझे दूकान पर घसीट कर मत ले आना,मुझे कुछ लेना नहीं है।  अरी मेरी माँ…मत लेना साथ तो चलो। चलती है या नहीं? तनु  की बांहें खींचते हुए प्रिया बोली-” तुम्हें पता है शिवम के दोस्त ने जेनरल-स्टोर खोला है। शिवम कल कह रहा था कि दीदी कुछ लेना … Read more

“दोस्ती की परिभाषा” – भावना ठाकर ‘भावु’

छोटी उउउमीनू टीवी में न्यूज़ देखते ही चिल्ला उठी, विशाल भैया जल्दी आईये देखिए न्यूज़ में क्या दिखा रहे है। विशाल स्टडी रूम से दौड़ता हुआ आया और न्यूज़ में अपने जिगर जान दोस्त अमन के शहीद होने कि खबर से हिल गया। आतंकवादीयों के साथ मुठभेड़ में मेजर अमन बजाज शहीद हुए इस समाचार … Read more

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