कामना – कंचन श्रीवास्तव

राधिका ने हंस कर सबका स्वागत किया……..। आइए आइए कैसे हैं आप सब बैठिए बैठिए और दीदी कैसी है आप बच्चे तो दिख रहे पर जीजा जी कहां है। कुछ नहीं बस उन्हें काम थोड़ा ज्यादा था , इसलिए वो बोले तुम चली जाओ फिर हमें भी तो…….। हां वो तो है ये दिन ही … Read more

लिफाफे वाली राखी – संजय मृदुल

सोहम हाथों में राखी लिए सोच रहा कि ज़रा सी बहस क्या हुई, तनातनी क्या हुई, बातचीत बंद कर दी अनु ने। सोहम को बचपन याद आ गया, जब छोटी छोटी बात पर दोनों झगड़ पड़ते थे। कई कई दिन बात न करते, तब अम्मा पुल का काम करती दोनों के बीच। अक्सर होता ये … Read more

शहीद की ब्याहता – नीतिका गुप्ता

ओ मेरी सोनिए,, देख तेरे लिए खास चूड़ियां लाया हूं… खास तौर पर अपने एक दोस्त से फिरोजाबाद से मंगवाई हैं.. ओहो अमन,, फिर से चूड़ियां ले आए.. कितनी बार मना किया इतनी सारी चूड़ियां ना लाया करो… दिखाओ आज क्या उठा कर लाए हो… मानवी ने अमन के हाथ से चूड़ियों का डब्बा लिया। … Read more

 बिन फेरे हम तेरे – प्रेम बजाज

दोस्तों ज़रूरी नहीं कि हर प्यार करने वाला शादी ही करें। ये भी ज़रूरी नहीं कि जिन दो लोगों ने शादी की है उनमें प्यार हो,  और बस वो ही हमसफ़र हों।‌  हमसफ़र अर्थात सुख-दुख में साथ रहे, दिल के पास रहे। हमसफ़र कोई भी हो सकता है…. पति-पत्नी,  दोस्त, या कोई रिश्तेदार, कोई भी। … Read more

 वन्दे मातरम् – रीता मिश्रा तिवारी

  जुगनी सुहाग सेज पर पति का इंतजार कर रही है। चेहरे पर घबराहट का नृत्य जारी है। कमरे में पति परमेश्वर के कदम पड़ते ही,झट लंबा घूंघट किया,और जिठानी की बात याद कर पलंग से उतर सीधा पतिदेव के चरणों में आपनी सारी आकांक्षा, महत्वाकांक्षा, प्रेम सब कुछ अर्पित करने के लिए झुकी गई। … Read more

एक खुशी उसके लिए जो आपको खुश रखती है – अंजु अनंत

जब से मयूरी मेरी ज़िंदगी मे आई है उसने मेरी जिंदगी सवार दी। मेरी जरूरत मेरी पसंद-नापसंद का ख्याल कितने अच्छे से रखती है वो… माँ के बाद एक वही है जिसने मेरा इतना ख्याल रखा। बचपन में मेरी माँ मेरे एग्जाम टाइम में रात-रात भर मेरे साथ जगती थी बीच-बीच मे पानी और गरम … Read more

*संघर्ष अभी शेष है* – सरला मेहता

” माँ माँ ! अब पापा तो वापस नहीं आएँगे, आप कितने भी आँसू बहाओ। चलिए कुछ खाकर दवाई  ले लीजिए। ” गर्विता, माँ वसुधा को दिलासा देते हुए कहती है।  अभी अभी दोनों लौटी हैं गणतंत्र दिवस  समारोह से। आज गर्विता क पिता शहीद मेजर पुनीत मेहरा जी को मरणोपरांत परमवीर चक्र सम्मान से … Read more

पुनर्वास – कमलेश राणा

टीवी में गाना चल रहा था,, अबके बरस भेज भैया को बाबुल,सावन में लीजो बुलाय रे,,   सावन का महीना हो और पीहर की याद न आये,,ऐसा हो ही नहीं सकता,,   रेणू बहुत कोशिश करती है अपने जज़्बातों पर काबू पाने की ,,पर जब बच्चे उससे उसके बचपन और नानी के घर के बारे … Read more

गुरु मंत्र – अंजू निगम

मैं अपनी ही बहन का फोन “इग्नोर”करने लगी थी|मुझे लगता कि वो हर बात को लेकर कुछ  ज्यादा ही परेशान हो जाती हैं|फिर वो समय नहीं देखती और तुरंत मुझे फोन कर देती|    बाई के न आने या नलके में पानी न आने जैसी छोटी बाते भी उसे बेतरह परेशान करती|समय के साथ उसकी ये … Read more

ज्यादतियां अब और बर्दाश्त नही करुगी!! –  मनीषा भरतीया

संयुक्त परिवार में दादा दादी, चाचा चाची , मां पापा, सब के लाडं  प्यार में पली बड़ी होने के बावजूद शीला बहुत ही संस्कारी और सुलझी हुई लड़की थी।,’ बड़ों को मान और छोटो को प्यार देने में वह कभी नहीं चूकती थी।, पढ़ाई से लेकर बाकी सभी दूसरे कामों में निपुण थी।  ,’ सबको … Read more

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