आप अपने बेटे के साथ क्यों नहीं रहते – सुधा जैन : Moral stories in hindi

“अरे यह क्या दिन भर सास बहू वाली कहानियां पढ़ती रहती हो, दूसरा कुछ पढ़ा करो “ पतिदेव ने अपनी पत्नी से कहा, तब पत्नी मुस्कुरा कर बोली ” यह इतनी जगत व्यापी, सर्वव्यापी समस्या है कि न वर्तमान में ,न भूत मे न भविष्य में इस समस्या का हल नजर आता है ….करें भी … Read more

लौट आओ – बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi

 उस दिन भी मैं जब शाम को सोसाइटी के पार्क में गया तो व्हील चेयर पर उन बुजुर्ग व्यक्ति को शून्य में निहारते पाया,प्रतिदिन मैं उन्हें वही ऐसे ही देखता आ रहा था।चेहरा देखते ही लगता था, वे असीम पीड़ा झेल रहे हैं।वैसे तो आजकल पश्चिम सभ्यता अपनाने के कारण कोई किसी से कोई मतलब … Read more

” सुसाइड नोट “- डॉ. सुनील शर्मा : Moral stories in hindi

न जाने क्यों, अब जीने की इच्छा ही नहीं रही. बूढ़े शरीर में दिमाग़ भी अब सुस्त हो गया है. आंखों की रोशनी और जीभ का स्वाद तो कब का चला गया.पेट में कुछ पचता नहीं. दांत भी एक एक कर साथ छोड़ गए. नहीं नहीं, कुछ बीमारी नहीं. बस थकान रहती है, चलने सा … Read more

आंखे नीची करना – डोली पाठक : Moral Stories in Hindi

मैं कह रहा था ताऊजी कि, बड़ी दीदी का तो कोई भाई है हीं नहीं तो फिर मायके की संपत्ति में उनका हिस्सा लगाना जरूरी है क्या???  आंखों में बेशर्मी की पट्टी चढ़ाए मनोज ने ताऊजी से कहा। ताऊजी ने उसे जलती निगाहों से देखा और गुस्से से तमतमाते हुए कहा _ किसको क्या मिलेगा … Read more

मैं हूं ना – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

 गाड़ी का हॉर्न लगातार बजाए जा रहा था सुबोध…..  सुमेधा 5 मिनट पहले ही…. हां – हां आ रही हूं बाबा ….बोलकर अभी तक नहीं पहुंची थी…. सुबोध कभी घड़ी की ओर कभी दरवाजे की तरफ देखता और उसका गुस्सा बढ़ता जाता …     सुमेधा आते ही …ओ सॉरी यार… बोलकर जैसे ही गाड़ी में बैठी … Read more

अपनों की पहचान – अंजु गुप्ता ‘अक्षरा’ : Moral Stories in Hindi

प्लेटफ़ॉर्म नंबर 2 पर बारिश की ठंडी बूंदें लगातार गिर रही थीं। बूढ़ी महिला ट्रेन के एसी कम्पार्टमेंट से उतर, इधर-उधर घबराई सी अपने बेटे का इंतजार कर रही थी। उन्हें देख कर ही पता चल रहा था कि वे किसी सम्पन्न परिवार से संबंधित हैं। “माँ जी, आपका सामान उठा दूँ?” नंदू कुली ने … Read more

गुरुर

“मेरे पापा मेरा वो गुरुर हैं, जो आप तो क्या कोई भी नहीं तोड़ सकता। उन्होंने अपनी ज़िंदगी में ढेर सारा पैसा नहीं कमाया लेकिन मान-सम्मान बहुत कमाया। जो इंसान ज़िंदगी भर सर उठाकर चला है, उन्हें मैं अपनी वजह से आपके सामने सर झुकने नहीं दूंगी। मेरे पापा बगैर किसी गलती के आप लोगों … Read more

अपने अपनों की पहचान – ज्योति आहूजा : Moral Stories in Hindi

सुहानी और आकाश की शादी को दो ही साल हुए थे। मगर इन दो सालों में आकाश की एक आदत बार-बार सुहानी को भीतर तक चोट पहुँचाती रही। वह कभी अपनी पत्नी की तारीफ़ नहीं करता था। उसके शब्द हमेशा दूसरों की पत्नियों, भाभियों और कलीग्स की तारीफ़ में ही निकलते। कभी पड़ोसन रीना के … Read more

साथ – नीरज श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

कभी-कभी न चाहते हुए भी हम उस पल के साक्षी बन जाते हैं। जिसकी कल्पना हमने गलती से भी ना की हो। आज ऐसे ही पल के साक्षी नीरज और सुषमा बन चुके थे।           दर्द और वेदना की तूफानी लहरों ने आज सुषमा की आँखों में एक भयावह शैलाब को जन्म दे दिया था। रात्रि … Read more

आँखें नीची होना – रश्मि सिंहल : Moral Stories in Hindi

आज फिर वही दृश्य – फ्लाइओवर के नीचे एक नहीं, बल्कि दो तीन भिखारियों का परिवार फलफूल रहा है। हर परिवार के कम से कम आधा दर्जन बच्चे हैं जो मैले कुचैले  कपड़ों में इधर से उधर घूमते रहते हैं और भीख मांगने की कला को भी परिष्कृत करते जा रहे हैं।लालबत्ती पर गाड़ी रुकते … Read more

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