ताईजी – नीरजा कृष्णा

आज उनके घर में सुबह से चहलपहल मची हुई है… आज बहुत सालों के बाद ताऊजी और ताई जी आ रहे हैं। उन्होंने प्रखर की नई नवेली बहू ममता को अच्छी तरह से समझा दिया था…”देखो बेटा! ताऊजी ताईजी तुम्हारे सामने पहली बार आ रहे हैं…वो इस घर के बड़े हैं… उन्होंने बड़े होने का … Read more

आज का तेनाली – शालिनी दीक्षित

तेनाली और उसकी पत्नी सोनाली घूमने निकले तभी बहुत बड़ा ग्रैंड फाइव स्टार होटल दिखा। “देखो लगता है इसमें कोई बहुत बड़ी पार्टी चल रही है।” सोनाली ने बोला। “अरे तुमको बोर्ड नहीं दिख रहा है; ये कितनी बड़ी कंपनी है, पी. आई. एल. उसकी पार्टी चल रही है, और शायद अंदर मैजिक शो भी … Read more

मल्लिका – *नम्रता सरन “सोना”*

ये कहानी शुरू होती है एक साधारण सी लड़की से .जिसे ईश्वर शायद रंग रूप देना भूल गए थे, या फिर यूं कहिए कि विधाता ने उस साधारण लड़की मे कुछ असाधारण गुण जड़ दिए थे जो वक्त के साथ उभरते और निखरते रहे. तीन बहनों मे दूसरे नंबर की सांवली का नाम शायद उसके … Read more

 खुद्दारी –  लतिका  श्रीवास्तव

कल से मयंक तुम्हें सुपरवाइज करेगा…..बॉस अभय ने जैसे ही किशन से कहा..किशन अपनी जगह खड़ा रह गया था!…लेकिन बॉस मयंक तो अभी नया ही है मुझसे जूनियर है ….आपने उसका प्रमोशन कर दिया !!!उसने पूछना चाहा था क्यों??क्यों मेरा प्रमोशन नहीं किया ….!!मैं तो पिछले दो वर्षों से पूरी ईमानदारी से इस कम्पनी के … Read more

 फिर भी तुमको चाहूँगा – स्व्पनिल रंजन वैश

खनकती रंग-बिरंगी चूड़ियों और छमछमाती पायलों के साथ मधुरिमा ने अपने भरे पूरे संपन्न ससुराल में गृहप्रवेश किया। यूँ तो लक्ष्मी की कोई कमी नहीं थी उसकी ससुराल में पर फिर भी सासूमाँ ने उसकी हाथों के छाप लेकर देवी माँ से कृपा बनाये रखने की प्रार्थना की। मधुरिमा एक मध्यम वर्गीय परिवार की सुंदर … Read more

ऐ ज़िंदगी गले लगा ले – कमलेश राणा 

ज़िंदगी कितनी खूबसूरत और अनमोल है,,यह वही बता सकता है जिसके पास ज़िंदगी के थोड़े ही दिन बचे हों,,और वह इस सत्य से वाकिफ हो,, जानकी का जीवन हर तरह से खुशी और संतुष्टि से भरपूर चल रहा था,,बच्चों,घर और नौकरी के बीच कब दिन गुजर जाता,,पता ही नहीं चलता,,बस वक़्त की लहरों के साथ … Read more

माँ मैं आपकी बेटी नहीं हूं – चाँदनी झा 

गायत्री ने महसूस किया, उसकी बेटी कुछ खोयी-खोयी सी है कुछ दिनों से, क्या बात है?? नीतिका वैसे हमेशा खुश और बिंदास रहनेवाली है। नीतिका अकेले जाकर खिड़की से बाहर निहारने लगती कभी। तो कभी अपने कमरे को बंद कर लेट जाती। कॉलेज भी जाना बंद कर दिया था। एक-दो दिन तो अंजनी ने नीतिका … Read more

कोई हमारे रिश्ते पर उंगली उठाए मुझे मंजूर नहीं – संगीता अग्रवाल 

“मेरे बारे में सोचना छोड़ दो नितिन अगर इतना सोचोगे तो अपनी होने वाली पत्नी से कैसे न्याय करोगे!” मोहिनी ने हंसते हुए फोन पर कहा। ” क्या यार मोहिनी तुम भी ना कुछ भी बोलती हो पत्नी अपनी जगह है तुम अपनी जगह!” नितिन हंसता हुआ बोला। ” पर नितिन दुनिया ऐसी दोस्ती को … Read more

ये मेरे पिता के दिए हुए संस्कार हैं – गीतू महाजन

  हर रोज़ की तरह आज की सुबह भी वैसी ही थी। ममता  जी ने सुबह उठकर अपने काम निपटाए और नहा धोकर मंदिर में पूजा की। उनकी सुबह सवेरे पांच बजे उठने की शुरू से ही आदत थी। पूजा कर वह उठी तो देखा उनकी बेटी पूनम मुस्कुराती हुई उन्हीं के पास खड़ी थी। … Read more

मेरा हौसला –   मृदुला कुशवाहा

आज जो मैं लिख रही हूँ, लिखना नहीं चाहती थी, फिर मैंने सोचा शायद इससे कोई प्रेरित हो l  दस साल पहले ही मैंने बीएड करके पढा़ई छोड़ दी थी, एक दो बार मैंने यूपी टीईटी और सी टीईटी की प्रतियोगी परीक्षा दिया लेकिन असफल रही। मैंने परीक्षा देना भी छोड़ दिया, और मैं अपने … Read more

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