प्रेरणा – गोमती सिंह

उज्जवला और सुधीर, दोनों पति-पत्नी के स्वभाव एक जैसा, एक सरिता सी सरल, तो सुधीर सागर सा शान्त, धैर्यवान। उज्जवला सुधीर का एक 5 वर्षीय पुत्र दिपांशु था। उज्जवला सुधीर की सोच थी की एक पुत्र के साथ-साथ एक पुत्री से ही किसी भी का परिवार परिपूर्ण होता है। उनकी सोच यह भी थी कि … Read more

उधार की रोटी – मुकेश कुमार (अनजान लेखक)

———– बिजु को पुलिस वैन से उतरते देख सभी रिपोर्टर और कैमरामैन बिजली की फुर्ती से दौड़ पड़े, कोई पुछ रहा था “निर्दयता से मारना तुम्हारा रोज़ का काम है ना?” कोई पुछ रहा था “पुलिस के हाथ लगने से पहले कितनों को मारा?” तो कोई पुछ रहा था “मासूम को मार कर क्या ख़ुशी … Read more

श्रीमती की…तारीफ – विनोद सिन्हा “सुदामा”

आज़ तो घर में मानों बवाल कटने से बची थी.. हुआ यूँ कि.. मैंने जैसे ही श्रीमतीजी के हाथों की बनी चाय की पहली चुस्की ले अखबार हाथ मे लिया.. मेरे मुँह से…..आहहहा व वाहहह दोनों स्वर एक साथ निकलें.. बता दूँ कि मेरी श्रीमती जी चाय बड़ी अच्छी बनाती थी… मानों कोई जादू हो … Read more

अपनी अपनी खुशी” – मीनाक्षी राय

केतकी एवं अपने रसोई घर में खाना बना रही होती है,,,,,,और  तभी फोन  उसके दीदी का आता है,,,,,,, वह उससे बात कर रही होती है,,,,,, तो उसकी दीदी उससे कहती है ,,,,,,,,,कि देख  तेरे देवर और देवरानी को तेरे दर्द का जरा भी एहसास नही ,,,,,,,कैसे अपनी बहन की  संगीत के समारोह में नाच रही … Read more

अंतिम विदाई – रिंकी श्रीवास्तव

पापा ,पापा जल्दी चलो मम्मी आपको बुला रही  हैं |सात वर्षीय रोहन ने आकर राकेश से कहा| क्या हुआ ,क्यों बुला रही हैं? राकेश ने बेटे से पूछा | वो दादी कुछ बोलती नही ,रोहन बोला| क्या !! राकेश परेशान हो अम्मा के कमरे की ओर भागा| क्या हुआ अम्मा को उसने अपनी पत्नी सुमन … Read more

स्वाभिमान – गीता वाधवानी

आज अंजू जब कॉलेज से आई तब उसने देखा कि उसकी दादी की सहेली रमा जी और उनकी बेटी राजू दीदी बैठी हुई है। वैसे तो राजू दीदी का नाम राजकुमारी था पर सब उन्हें राजू कहते थे। उन्होंने बताया कि कल बहुत वर्षों बाद उनकी बुआ जी अपनी पोती मीना के साथ मुंबई से … Read more

नमक-रोटी ! – निरंजन धुलेकर

बेटे का मुँह उतर गया था , वजह थी एक शर्त ! उसे जिस लड़की से प्यार था उसी से शादी करना चाहता था मैंने पहले ही बोल दिया था कि मैं हर हाल में उसके साथ खड़ा हूँ , चिंता न करे ! लड़की वालों से औपचारिक वार्ता शुरू हुई पर उनकी एक शर्त … Read more

सबसे बड़ा सम्मान – के कामेश्वरी

प्रीति का आज स्कूल में आख़िरी दिन था वह रिटायर हो गई थी । अपनी ज़िंदगी के तीस साल उसने बच्चों को पढ़ाने और पढ़ने में ही बिता दिया । इतने साल कैसे गुजर गए पता ही नहीं चला । बच्चे और पति दोस्त सब बधाई दे रहे थे । आगे के प्लान पूछ रहे … Read more

नारी का मान  -अनामिका मिश्रा

आज फिर नीता के ससुर चिल्ला रहे थे उसकी सास के ऊपर। नीता की सास अकेले ही मंदिर जाना चाहती थी, सावन का महीना चल रहा था, वह जाने को तैयार हुई और कहा,आ रही हूँ दर्शन करके, मैं अकेले ही चली जाऊंगी!” बस क्या था लगे चिल्लाने ससुर जी, “आज तक इस घर की … Read more

पलाश के फूल – सुधा  जैन

अनुराधा और अनुरंजन कॉलेज में साथ ही पढ़ते थे ।दोनों के बीच में कब प्यार के बीज का अंकुरण हो गया पता ही नहीं चला। दोनों ने अपनी एजुकेशन पूरी की और अनुराधा प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका बन गई ,और अनुरंजन कॉलेज में खेल प्रशिक्षक । दोनों ने अपने माता पिता से अपने विवाह की  … Read more

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