त्याग की पराकाष्ठा – तृप्ति शर्मा
अभी दो हफ्ते पहले ही पड़ोस में एक नया परिवार आया था । घर में मुखिया रामबाबू उनकी पत्नी ,दो बेटे और एक बेटी थी साथ मे थे। एक दो ढाई साल का छोटा सा बच्चा, सावले रंग का घुघराले बालों वाला,मासूम से चेहरे पर काजल से काली हुई बडी बडी आंखे। बहुत ही प्यारा … Read more