बेटी की पुकार  –  मंजू तिवारी

 हे प्रभु सुना है  कि तूने नारी की रचना बड़ी फुर्सत से की है और इसकी रचना करने में आपको बहुत समय लगा सहनशीलता साहस ममता करुणा दया सृजनशील वह सारे गुण आपने उसे दिए जो प्रभु आप में है प्रभु तूने  तो एक नारी रूपी रत्न गढा था रत्न बहुत बहुमूल्य होता है उसे … Read more

मोह का बंधन – तृप्ति शर्मा

एक टेबल से दूसरी टेबल पर बैग और गाड़ी की चाबी हिलाता वंश ऐसे बात कर रहा था जैसे वाकई मे उसकी बिजनेस मीटिंग चल रही हो।      रसोई में खड़ी साक्षी वंश का यह खेल रोज़ देखती थी।अभी पांच साल का था वंश और अपने पापा की पूरी नकल करता था।      ” अपने पापा” यह … Read more

मेरा चॉंद* – *नम्रता सरन “सोना”

हॉस्पिटल की बालकनी में भुवनजी बेसब्री से चक्कर काट रहे थे, बार बार आसमान को ताकते हुए उनकी आंखों की कोर से आंसुओं की बूंदें टपक जाती थी, जिन्हें वो सबसे नज़र बचाकर आस्तीन से पोंछ देते थे। “मि. चोपड़ा, अंदर चलिए, आपकी वाइफ की कंडीशन लगातार बिगड़ रही है” अचानक नर्स ने आकर कहा। … Read more

अटूट है ये बंधन ‘ – विभा गुप्ता 

   मालती ने धीरे-धीरे अपनी आँखें खोलने का प्रयास किया, सब कुछ उसे धुंधला दिखाई दे रहा था।दवा का असर था और कुछ कमज़ोर भी थी।स्वयं को अस्पताल के बेड पर लेटे देखकर वह चकित रह गई।वह तो मरना चाहती थी, किसने उसे बचा लिया?   ” दादी, अब आप तैसी(कैसी) हैं?” एक तीन वर्षीय बच्ची की … Read more

माँ का मान – वीणा

बेटे बहु की शादी की दूसरी सालगिरह थी ,बड़े इसरार से उन्होंने मनोहर और सावित्री जी को दिल्ली आने को कहा था..कहा क्या , राजधानी एक्सप्रेस के दूसरे दरजे की टिकट करवा उनके मोबाईल पर भेज दिया था ताकि आने में वे आनाकानी न कर सकें । मनोहर जी तो सरकारी सेवा से रिटायर हो … Read more

एक अजनबी जो बंध गया प्रेम के बंधन मे – किरन विश्वकर्मा

मीना जी ने चाय बनाई और टेबिल पर रखी ही थी कि दरवाज़े पर दस्तक हुई रमेश जी ने खोलकर देखा तो एक नौजवान खड़ा था, हाथ जोड़कर बोला… मै “तन्मय” पीछे से मीना जी भी आ गई। तन्मय को देखकर रमेश जी और मीना जी को उसका पहला कदम किसी सपने से कम नहीं … Read more

आस का बंधन – मीना माहेश्वरी 

आज सोसाइटी में बहुत रौनक थी, झिलमिलाती रोशनी में सजी धजी, सुहागनों के चूड़ियों की खनखनाहट और खिलखिलाती हंसी से पूरा वातावरण संगीतमय हो गया था,,,,,,,,,, आज हरतालिका तीज की पूजा थी, सभी तैयारियां हो गईं थी, गानेबजाने का कार्यक्रम जोर_शोर से चल रहा था…… फुलेरा की शोभा देखते ही बनती थी,,,, ,,,, देवों के … Read more

कुछ बंधन तोड़ देना ही अच्छा होता है – नेहा गुप्ता 

सच जीजी,,,तुम्हे देख कोई भी नही कह सकता की,, अब तुम सास बनने जा रही हो,,  फुर्ती इतनी की अच्छी अच्छी जवान लड़कियां भी गच्चे खा जाए,,, वैसे एक तरह से ठीक ही है,,,अपने हाथ पैर चलाते रहो,,तो किसी के भरोसे नहीं रहना पड़ता,,,पर एक बात  कहूं जीजी,,अब न आपके आराम के दिन आ गए … Read more

तेरे मेरे बीच में कैसा है ये बंधन अनजाना – कुमुद मोहन 

शहर के सबसे बड़े कैंसर हास्पीटल की अपनी पार्किंग स्पेस में गाड़ी खड़ी करके डाक्टर सुमी जब अपने नपे-तुले क़दम रखती हस्पताल में दाखिल होतीं तो वहां छोटे से बड़े सब की नज़रें बरबस कुछ पलों के लिए उस पर टिकी रह जातीं| सुन्दर होने के साथ-साथ उसका सौम्य व्यक्तित्व, मीठी बोली और होठों पर … Read more

बंधन रिश्तों का – नीलिमा सिंघल 

“आन्या,,आन्या ” तेजस की तेज चीख आन्या के कानों मे पड़ी तो वो हड़बड़ा कर छत से नीचे उतरी और साड़ी मे पैर फिसल कर धड़ाम धड़ाम से नीचे गिरती चली गयी,, तेजस ने आवाज सुनी पर नजरअंदाज करते हुए गुस्से मे बाहर चला गया,,  आन्या की आवाज निकल नहीं रही थी पर उसको अहसास … Read more

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