एक़ यादगार सफर – राशि रस्तोगी
ट्रेन में भीड़ होने की वजह से बैठने की जगह भी नहीं मिल रही थी..भीड़ होती भी क्यूँ ना, लोग दिवाली मनाने के लिए अपने अपने पैतृक शहरों में जाने के लिए आतुर जो थे..मैंने देखा मेरा रिजर्वेशन जोकि वेटिंग में था, कन्फर्म ना होने की वजह से कैंसिल हो चुका था.. क्यूंकि ऑनलाइन रिजर्वेशन … Read more