सुंदरता व्यवहार में होती है – संगीता त्रिपाठी
सलोनी अपने हाथों की रंगबिरंगी चूड़ियाँ देख मुग्ध हो रही थी, “ये तुम्हारे ऊपर नहीं बड़ी बहू संजना के उजले हाथों में अच्छी लगेगी “सासु माँ की व्यंग भरा स्वर सुन सलोनी का चेहरा अपमान से काला पड़ गया। कुछ ना बोल वो वहाँ से हट गई, उसी समय उमेश ऑफिस से लौटा था दरवाजे … Read more