सही फैसला – विजया डालमिया
यूँ तो अरसा बीते बिछड़े हुए,फिर क्यों आज दर्द दिल पर याद बनकर दस्तक दे रहा है। मैं तो अकेले ही तन्हाई की सूनी पगडंडी पर चल पड़ी थी। मँजिल व सुकून की तलाश में ।खुद से अपनी मुलाकात करने ।एक पहचान बनाने क्योंकि संजू के साथ रहकर मैंने अपने आप को ही खो दिया … Read more