दीप शिखा – पुष्पा जोशी

आज दीपशिखा बंगले में चारों तरफ रोशनाई हो रही थी। दीपावली का त्यौहार था,पिछले बरस पूरा बंगला अंधकार में डूबा था,घर का चिराग दीपेश धनतेरस के दिन, आतिशबाजी से हुए एक हादसे में,इस संसार को छोड़कर चला गया था।पूरा परिवार शोक संतप्त था,और शिखा  के जीवन से तो जैसे सारे रंग ही रूठ गए थे।समय … Read more

रूपजीवनी – जयश्री बिरमी : Moral Stories in Hindi

 Moral Stories in Hindi : दीक्षा छुटपन से ही बहुत चंचल थी,स्कूल ,कॉलेज में और दोस्तों के बीच बहुत ही पसंद की जाती थी।सुंदर तो थी ही उपर से थोड़ी स्मार्ट और पढ़ाई में लायक इन सब बातें उसका आत्म विश्वास को बनाएं रखती था।  पढ़ाई के साथ साथ उसने छोटे मोटे काफी क्लासेज कर … Read more

अगर अब हाथ उठाया तो मुझसे बुरा कोई नहीं  – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

 Moral Stories in Hindi : शालू -क्यूँ मार रहे हो मुझे ,,बच्चें देख रहे हैं ,,आखिर मेरी क्या गलती हैं जो रोज शाम को मुझ पर जानवरों की तरह टूट पड़ते हो ! पत्नी हूँ तुम्हारी ! ये बच्चें ना होते तो कबका छोड़कर चली जाती तुझ जैसे घटिया इंसान को ! खबरदार अगर अब … Read more

मोगरे के फूल – रवीन्द्र कान्त त्यागी

किसी सीनेमाई प्रेमी प्रेमिका की तरह दरियाए लिद्दर को पार करके हम दोनों देवदार के घने जंगल में पहुँच गए हैं। एक छोटी सी जलधारा बर्फ के छोटे छोटे टुकड़ों को अपने साथ बहाती, पत्थरों से अठखेलियाँ करती हुई, अपनी बड़ी बहन लिद्दर में विलीन हो जाने को बेताब देवदार और चीड़ आच्छादित ढलानों से … Read more

सुबह का भूला – संजय मृदुल

फाइव स्टार होटल जैसा अस्पताल, भीड़-भाड़ के बीच अल्पना अकेली बैठी है बड़ी सी लॉबी में कॉफी शॉप की एक टेबल पर। कॉफी से उठता धुँवा अल्पना की आंखों में उतर आया है। पापाजी का ऑपरेशन चल रहा है, तीन दिन पहले सुबह-सुबह सीने में दर्द उठा। अल्पना ने जैसे तैसे व्यवस्था कर अस्पताल में … Read more

मिट्टी का टीवी,,,,, – मंजू तिवारी

बात लगभग 30 साल पुरानी है। जब प्रीति कक्षा 5 में पढ़ती थी,, उस समय कक्षा में 5 बोर्ड परीक्षा हुआ करता थी  उस समय परीक्षा में लिखित परीक्षा के साथ-साथ आर्ट एंड क्राफ्ट भी हुआ करता था जिसमें सभी बच्चे मिट्टी के खिलौने बनाया करते थे,,,, कोई तरबूज बनाता कोई खरबूजा बनाता ज्यादातर बच्चे … Read more

आखिर क्यों.. – रीटा मक्कड़

कितने खुश थे आज घर में सब.. बिटिया के लिए इतने अच्छे घर से रिश्ता जो आया था। लेकिन बिटिया नीरजा अभी भी उस रिश्ते के लिए हामी नही भर रही थी। उसको लगता था कि लोग क्या कहेंगे  क्योंकि लड़के वालों का घर उनके घर से थोड़ी ही दूरी पर था। राजीव एक निहायत … Read more

आजादी पर एक माँ, बहू और पत्नी का भी हक है… – सुल्ताना खातून 

मम्मी यूनीफॉर्म आयरन है ना…मुझे जल्दी निकालना है… ईन्डीपेन्डेंस डे है ना… मम्मी मेरे जुते…. अनीता मेरी घड़ी नहीं मिल रही…मेरी टाई.. जल्दी नाश्ता लगा दो.. देर ना हो जाए… बहू इस बार मुझे भी जाना है आजादी की जश्न मनाने इस बार रिटायर्ड लोग भी आमंत्रित है फैक्ट्री में… मेरी भी हेल्प कर दो … Read more

कभी खुशी कभी गम – स्वाती जैंन

कोमल के लिए आकाश का रिश्ता आया था इस खबर से ही पूरा परिवार खुश हो गया था !! कोमल एक मध्यम परिवार की लड़की थी , माँ – पिताजी ने खूब मेहनत करके पढ़ाया- लिखाया था और इस काबिल बनाया था कि कोमल आज अपने पैरों पर खड़ी थी शायद यही वजह थी कि … Read more

 परिवार ही असली धन हैं !! – स्वाती जैंन

वाह संध्या , यह चटक लाल रंग तुम पर खुब जँच रहा हैं और तुम्हारे पतिदेव ,उनके भाईयों और ससुरजी  ने तो एक ही रंग की शेरवानी पहनी हुई हैं रोशनी बोली !!                             हाँ रोशनी, खास दिवाली के लिए ही यह लाल रंग की साड़ी खरीदी है , यही नही मम्मीजी , जेठानी सरीता भाभी … Read more

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