“रिश्तों का तड़का” – अनिता गुप्ता
” ये जून की गर्मी, ऊपर से क्लाइंट के साथ मीटिंग ने दिमाग ही गर्म कर दिया है। अब रुचि के हाथ की कोल्ड कॉफी और मां की गोद ही इस गर्मी से राहत दिलायेगें।” सोचते हुए अनिरुद्ध ने घर में कदम रखा । मां को लॉबी में देख बोला, ” अरे ! मां। गर्मी … Read more