“हाँ,मैं स्वार्थी होना चाहती हूँ” – ऋतु अग्रवाल

   “मम्मा मेरी यूनिफार्म प्रेस कर दो, मुझे स्कूल के लिए देर हो रही है।”         “बेटा, मैं आपका और आरव का टिफिन पैक कर रही हूँ।आप खुद कर लो।”           “क्या मम्मा! आपने मेरी यूनीफॉर्म कल प्रेस क्यों नहीं की? आपको पता है ना कि मुझे कपड़े प्रेस करना नहीं आता।” युक्ता झल्लाते हुए बोली।         “तो सीख … Read more

वो बड़ी कोठी – गीतू महाजन

सारा घर शांत था… रात्रि का दूसरा पहर शुरु हो चुका था। सब सो रहे थे पर नीलिमा जी की आंखों से नींद कोसों दूर थी। अमूमन वह इस वक्त इस हवेलीनुमा घर में दो नौकरों के साथ ही रहती थी… पर आज उसके तीनों बच्चे आए हुए थे।पूरे घर में रौनक सी आ गई … Read more

इतनी स्वार्थी भी मत बनो – रश्मि प्रकाश

”ये कैसी गलती हो गई उससे … कह दो ये झूठ है…ना मैं मान ही नहीं सकता नरेन ऐसा कुछ कर सकता है….. मेरा छोटा भाई कभी ऐसाकर ही नहीं सकता है तुम लोग मुझे मेरे भाई के बारे में ऐसी बातें बता कर मुझे उसके ख़िलाफ़ भड़का रहे हो..!” कहते हुए नरेश बाबूअपनी आराम … Read more

स्वार्थ (एक और उर्मिला नहीं बनेगी) – मीनू झा 

कमी क्या है तुम्हें यहां…सुजाता…इतने प्यार करने वाले सास ससुर है…खाने कपड़े की भी कोई दिक्कत नहीं है,घर में हर सुख सुविधा की चीज है..मायका नजदीक है जब चाहती हो आती हो जाती हो, मैं भी हर हफ्ते आ ही जाता हूं तुमसे मिलने..फिर परेशानी है कहां मुझे तो समझ नहीं आता प्रणव जी… सबकुछ … Read more

स्वार्थी इंसान – संजय मृदुल

माधव जी सकते में पत्थर हुए बैठे हैं। कमरे का माहौल ऐसे शांत हो गया है जैसे अमावस की रात में खाली आसमान। दोपहर में पत्नी का क्रियाकर्म कर के वापस आये तब से घर मे गहमा गहमी मची हुई थी। शाम तक दूर के रिश्तेदार वापस जाने लगे थे। बचे हुए भाई बन्धु बैठ … Read more

*संग दिखाए रंग* – सरला मेहता 

” रानी डियर ! हमारा अमर लन्दन से आ रहा है, पढ़ाई पूरी करके। उसके स्वागत में कोई कसर बाकी ना रहे। “ मुंबई के नामी ड्रग माफिया शाह जी ने पत्नी को याद दिलाया। वे बहुत खुश है कि अंग्रेजी पढ़ा लिखा बेटा विदेश में भी पुश्तैनी कारोबार चमका देगा। मन ही मन लड्डू … Read more

अब से हम ना कुछ लेंगे–ना कुछ देंगे – कुमुद मोहन

मम्मी! मामी को कह देना मेरे लिए कोई ड्रेस वगैरह ना खरीदें। वैसे भी मेरी और उनकी च्वाईस बिल्कुल नहीं मिलती, वो पैसा भी खर्च करेंगी और मुझे पसंद भी नहीं आएगा ऐहसान ऊपर से होगा। देखा नहीं था पिछली बार उन्होंने निया दीदी का रखा हुआ टाॅप मुझे थमा दिया था यह कहकर कि … Read more

बदबू” – गीता वाधवानी

अपने पति राजवीर के गुजर जाने के बाद कजरी ने अपनी 14 वर्षीय बेटी नीति और 4 वर्षीय बेटे सोनू की खातिर अपने पति के दोस्त संजय का अच्छा व्यवहार देखकर शादी कर ली थी।  पिछले कुछ दिनों से ना जाने क्यों, उसे अपना फैसला जल्दबाजी में लिया हुआ महसूस हो रहा था। संजय ने … Read more

मतलबी रिश्ते – प्रियंका सक्सेना : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi सुधा ने ऑफिस से लौटते वक्त घर में सब के लिए अलग-अलग फ्लेवर की आइसक्रीम ले ली। माॅ॑, मोना, नवीन सबको आइसक्रीम में अलग-अलग स्वाद पसंद हैं। घर में घुसते कि उसने मोना को आवाज लगाई और कहा ,” आइसक्रीम को फ्रिज में रख दो।” मोना बोली, “जी दीदी,अभी रखती  हूॅ॑।” … Read more

स्वार्थी दोस्त – भगवती सक्सेना गौड़

आज मधुलिका बहुत खुश थी, बेटी अक्षरा को लड़की वाले देखने आए थे और पसंद करके शगुन के रुपये देकर गये थे। घर मे खुशियां छाई थी। दोनो पति पत्नी अपने काम मे व्यस्त थे, पर दिमाग मे शादी की रूपरेखा बन रही थी। अचानक मधुलिका ने वर्मा जी से पूछा, “आपकी तो सब तैयारी … Read more

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