सीता – कल्पना मिश्रा
“सीता! जल्दी से मेरे लिए चाय बना दे,फिर उसके बाद साहब के लिए नाश्ता तैयार कर देना।” “सीता आँटी! मेरे लिए कॉर्नफ़्लेक्स”..बिट्टू कमरे से ही चिल्लाया।” “सीता बेटा! मेरे लिए तो कम तेल लगाकर दो पराठें ही बना दे और हां,मुलायम बनाना,वरना फिर दाँतों से नही कटते”…दादी माँ ने भी अपनी फरमाइश सुना दी। “जी … Read more