जब पति ने पहली बार साथ दिया ! –  स्वाती जैंन

शिवांगी रसोई से पसीना पोंछते हुए निकली ही थी कि उसे बगल वाले कमरे से फुसफुसाने की आवाज आई , शिवांगी ने कमरे में झाँका तो देखा कि सांस सविता जी अपनी बेटी से धीमी आवाज में फोन पर बात कर रही थी बेटा सुमन हमारा क्या हैं आज नहीं तो कल चले जाएँगे मगर … Read more

तो क्या मुझे मेरे मायके से हाथ धोना पड़ेगा ? – भाविनी केतन उपाध्याय 

” तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई वापस घर छोड़ कर आने की ? अभी शादी को दो तीन महीने ही हुए हैं और तुम तीन बार अपने पति से या अपने ससुराल वालों से कुछ ना कुछ लड़ झगड़ कर मायके वापस आ ही जाती है…. ऐसे कैसे जमेगी तुम्हारे पति और ससुराल वालों के साथ…!! … Read more

विरोध…बेल का पेड़ मत काटो मीठे रसीले बेल – नीरजा कृष्णा

आज सुबह से ही घर में चिल्ला चिल्ली मची हुई हैं। बेटे अनुराग ने वर्षों पुराने बेल के दोनों पेड़ों को कटवाने के लिए मजदूर बुला लिए थे। अमर बाबू बहुत आहत होकर विरोध में चिल्ला ही पड़े थे,”मेरी जिंदगी में ये अनर्थ नहीं हो सकता। तुमलोग अपनी मनमानी करते जा रहे हो। मैं चुप … Read more

आशीर्वाद -कहानी-देवेंद्र कुमार

दादी का ‘दीपक जला कर आशीर्वाद देना’ मशहूर हो गया है। सुबह दादी नियम से भगवान की प्रतिमा के सामने दीपक जलाती हैं ,लेकिन एक दोपहर उनकी बहू रमा ने उन्हें दीपक जलाते हुए देखा तो बोली-‘माँजी ,आप शायद भूल गई सुबह आप पूजा कर चुकी हैं। ’ दादी ने कहा -‘भूली नहीं हूँ। यह … Read more

विरोध को मुखर करना पड़ता है… –  संगीता त्रिपाठी

 “हमें ये रिश्ता मंजूर है, पर आपने अपनी पत्नी को तलाक नहीं दिया है, वो इस शादी में अड़चन तो नहीं डालेगी “नेहा के पिता ने रजत की तरफ देखते हुये कहा।   “क्या बात करते है भाईसाहब, कनक विरोध किस मुँह से करेंगी, सात साल हो गये इंतजार करते पर एक भी किलकारी नहीं गुंजी … Read more

बहू का नामकरण कहां तक उचित है? – प्रियंका सक्सेना

आज सुबह की छटा ही निराली है।  शांति सदन फूलों की माला से सजा जगमगा रहा था, खूबसूरत लाइटों की रंग बिरंगी रोशनी में रौनक देखते ही बनती  है। मुख्य द्वार पर बड़ी सी रंगोली शोभा को द्विगुणित कर रही थी। अनीता जी और दिवाकर जी के बेटे अमित की शादी मौली से होने जा … Read more

देवर जी, ना का मतलब ना होता है… – चेतना अग्रवाल

तुम्हें यह बात क्यों समझ नहीं आती नीरज…., तुम्हें  अपना अच्छा दोस्त समझती थी, लेकिन आज के बाद देवर-भाभी से ज्यादा मेरा-तुम्हारा कोई रिश्ता नहीं है… कहकर माधवी कमरे से बाहर आ गई। ये हैं माधवी और नीरज….. दोनों के बीच देवर-भाभी का रिश्ता है। जब से माधवी की शादी राजन से हुई है, नीरज … Read more

सिर्फ़ विरोध के लिए विरोध मत करो…! – विनोद सिन्हा “सुदामा”

आ गए तुम…. मैने अभी घर में कदम रखा ही था कि पत्नी सुधा ने मुझपर चिल्लाते हुए कहा… हाँ ….क्या हुआ… मैने जानना चाहा… सुनो अब मैं यहाँ नहीं रह सकती… बहुत हुआ..मैं ये रोज़ की झिकझिक और टोका टाकी से तंग आ गई हूँ… अब मुझसे जरा भी बर्दास्त नहीं होता … कुछ … Read more

“प्रतिरोध” – डॉ .अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral stories in hindi

मानसी बुआ आज बहुत खुश थीं। चंदेरी साड़ी और बालों में गजरा लगाए वह पूरे हवेली में चक्कर लगा रही थीं। खुश होने का कारण भी था उनके बेटे की शादी जो तय हो गई थी। सगुन का दिन आज के लिए ही निकल आया था। लड़की वाले पंहुचने वाले थे।  इतने सालों के बाद … Read more

अभिशाप – गणेश पुरोहित 

उसके छ: भाई-बहन थे- पांच बहने और एक भाई। पिता प्राइमरी स्कूल टीचर थे। किराये के एक छोटे से मकान में रहते थे। एक सीमित आमदनी में उनके परिवार का मुश्किल से गुजर बसर होता था। उसकी दो बड़ी बहने थी। पुत्र की आस में माता-पिता ने उसे पैदा किया था। यदि पुत्र पहले आ … Read more

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