बुढ़ापे से बड़ी बीमारी नहीं। – स्मिता सिंह चौहान
“तू कुछ कहता क्यों नहीं?बहुत दिन हो गये अब तो,इतने दिन कौन रहता है?अपनी बेटी के ससुराल में।हमारे गले में तो लड़की के घर का पानी भी नही जाता,समधन जी तो ऐसे बैठी है जैसे अब जायेंगी नहीं।”वीना जी ने अपने बेटे सुशील से बोली। “कैसी बात करती हो मां?अब उनकी तबियत नहीं ठीक है … Read more