” गोलगप्पे खिलाएंगी।” – उषा भारद्वाज
संजना अपने कमरे में अलमारी में कपड़े एडजस्ट करके रख रही थी तभी उसको बाहर से कुछ आवाजें सुनाई पड़ीं। उसकी दादी मां और सासू मां के बीच बात हो रही थी । दादी मां सासु मां से कह रही थी-” बेटा एक हफ्ता हो गया है मैं सत्संग नहीं गई हूं, आज तो तुम … Read more