तुम्हारी माँ है वो नौकरानी नहीं है!! – मनीषा भरतीया

राहुल और पिंकी की मुलाकात एक लोकल ट्रेन में हुई थी. राहुल अपनी बहन के ससुराल और पिंकी अपने घर जा रही थी इत्तेफाक से दोनों एक ही स्टेशन टीटागढ़ में उतरने वाले थे अजनबी होते हुए भी इस 45 मिनट के सफर में दोनों ने ढेर सारी बातें की  बातों का सिलसिला शुरू हुआ … Read more

सिर्फ पैसों से रिश्ते नहीं बनते – सविता गोयल 

” दीदी, कल आपके भतीजे का जन्मदिन है। आपलोग बच्चों के साथ आ सको तो बहुत अच्छा लगेगा, ” एकता ने मनुहार करते हुए अपनी ननद मधु को फोन किया। ” देखती हूं भाभी…. वैसे मुश्किल हीं है क्योंकि आपके जीजा जी को कल जरूरी काम है,” मधु ने ठंडी सी प्रतिक्रिया देकर फोन रख … Read more

तुम्हारी वजह से मैं खुद से प्यार करने लगी हूँ। – संगीता अग्रवाल

” सुनिए मुझे आपसे कुछ कहना है ?” प्रतिभा अंधविद्यालय से बच्चो को पढ़ा कर निकली तो गेट पर एक लड़का उसे रोकता हुआ बोला। ” जी कहिये ?” प्रतिभा आश्चर्य से उस लड़के को देख बोली क्योकि प्रतिभा उस लड़के को नही जानती थी ना कभी मिली थी फिर यूँ अचानक उसका इस तरह … Read more

अब अपमान  सहन नहीं होता राजू के बापू  – मीनाक्षी सिंह

गीता – माँ जी कितनी बार कहा हैँ आपसे ये रानी विक्टोरिया की तरह साड़ी जमीन पर लहराते हुए मत चला करो ,,अब आपके पति नहीं हैँ जो नई-  नई साड़ी रोज लाकर दे आपको ! इतनी गंदी हो जाती हैँ ! कितना साबुन खर्च होता हैँ इसे धुलने में ! आपको अन्दाजा भी हैँ … Read more

चलो दिलदार चलो चांद के पार चलो – सीमा वर्मा

” चलो दिलदार चलो चांद के पार चलो” ‘ तनूजा, तनू…जा कहां गई यार मुझे आज चाय नहीं पीनी है। चलो सुबह की सैर पर चलते हैं ‘ आदतन बड़बड़ाते हुए अनिल ने बिस्तर की दूसरी तरफ रखे तकिए पर हाथ डाला , ‘ उंह कहां गई यार … कल करवा चौथ है ना चलो … Read more

फिर विरोध क्यूँ – गुरविंदर टूटेजा

    स्वाति का आज मन नहीं लग रहा था…बस बार बार संजय का चेहरा सामनें आ रहा था कि कैसे इतनी छोटी सी उम्र में ही एक्सीडेंट में वो चला गया विश्वास नहीं हो रहा था किअब वो इस दुनिया में नहीं हैं…आँसू रूकने का नाम नहीं ले रहे थें…!!!!   संजय स्वाति के चाचा का बेटा … Read more

जय माता रानी की – सीमा वर्मा

   ‘ लंगड़ी , हाँ यही उसका नाम है ‘ मुहल्ले के लोग उसे इसी नाम से पुकारते हैं। ‘ जब भी मेरी यह भक्त कन्या अपने एक छोटे पाँव पर हिलक-हिलक कर अकेली ही आती है। मेरा ध्यान अपने समस्त भक्तों से हट कर उस पर ही केंद्रित हो जाता है, ‘ अपनी हँसी उड़ाए … Read more

बहू सपनों से समझौता नहीं करेगी – कनार शर्मा

मानसी बहू जरा बाहर आना देखो तो तुमसे मिलने दुर्गा नगर वाली लक्ष्मी बुआ जी आई हैं…!! सास अनिता जी की आवाज़ सुन मानसी रसोई से बाहर आई और उनके पैर छूने झुकी ही थी कि वे बोली “दूधो नहाओ पूतो फलो” शादी को 2 महीने हो गए हैं अब तो घूमना फिरना भी हो … Read more

जब बहु…. बेटी बन जाती है – अनु अग्रवाल

  “सुनो जी….. बाबूजी अक्सर माँजी के साथ शाम को सैर करने जाया करते थे…..माँ जी के जाने के बाद बाबूजी का उदास चेहरा मुझसे देखा नहीं जाता……आप दुकान से जल्दी आ जाते हो तो  बाबूजी को सैर पर ले जाया करो…. हो सकता है उन्हें अच्छा लगे…….निहारिका अक्सर अपने पति अर्पण से कहती। तुम … Read more

विरोध – शकुंतला “अग्रवाल शकुन”

चाँद आज यौवन के घोड़े पर सवार हो,चाँदनी बिखेर रहा है। चकोर भी भाव विभोर हो तृप्त हो रहा है। पर इस सम्मोहक-वातावरण में भी वातायन से झाँकते वेदैही के झील से दो नयनों में अश्रु-कण झिलमिला रहे हैं । सौम्य-शीतल चाँदनी में भी उसके भीतर ज्वालामुखी फूट रहा है , जिसका लावा उसके तन-मन … Read more

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