उम्मीद – माता प्रसाद दुबे

बारिश थम चुकी थी..रामू बहुत खुश था..”अरे मुन्नी बिटिया!बीज वाला थैला लेकर जल्दी आओ?”रामू ने अपनी छोटी बेटी मुन्नी को आवाज दी।”अभी लाती हूं बाबू! मुन्नी बीज वाला थैला रामू के हाथ में थमाते हुए बोली।”बाबू मुझे भी ले चलो अपने साथ?”मुन्नी उछलते हुए बोली।”अच्छा चल बिटिया! रामू मुन्नी को साथ लेकर अपने खेत की … Read more

स्त्रियों से ही त्याग की उम्मीद क्यों की जाती है?? – अर्चना खंडेलवाल

हां, मौसी हम सब आ जायेंगे, आप जरा भी चिंता मत करिये, सब कुछ अच्छे से हो जाएगा, अनु दीदी ने अब शादी के लिए हां कर दी है तो धूम धड़ाके से शादी तो होगी। हम सब समय पर पहुंच जायेंगे। ये कहकर सीमा ने फोन रख दिया। ये कोई उम्र है शादी करने … Read more

   एक किरण – बालेश्वर गुप्ता

     पिछले सप्ताह ही सुबह सुबह अहमदाबाद से जगदीश काका का फोन आ गया।एक अनहोनी आशंका से मैं एकदम घबरा सा गया।85 वर्षीय जगदीश काका वृद्धाश्रम में रह रहे हैं, उनका एकलौता बेटा मुन्ना नौकरी करने अमेरिका चला गया।उसके जाने के दो माह बाद ही जगदीश काका की पत्नी का स्वर्गवास हो गया,मुन्ना नही आ पाया।अकेलेपन … Read more

एक विरोध ऐसा भी – अनीता चेची

नहर पार के गाॅंव में कालू का सिक्का चलता। उसका सबसे ज्यादा हस्तक्षेप वहां के सरकारी स्कूल में था।  वह हमेशा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 10वीं 12वीं कक्षा का  सेंटर ले आता ।ताकि वहां धड़ल्ले से नकल हो सके ।कई गैर सरकारी स्कूल भी अपना सेंटर उसी स्कूल को भरते और कालू को मोटी रकम … Read more

वो सांवली सलोनी – नीरजा कृष्णा

आज का दिन उनके परिवार के लिए बहुत ही खुशी का दिन है। प्रैस रिपोर्टर और टीवी चैनल वाले उनकी बेटी वर्षा  को घेरे हुए हैं। वंदना जी दौड़ दौड़ कर सबकी आवभगत में लगी पड़ी हैं। उनकी बेटी को तैराकी के लिए अर्जुन पुरस्कार से नवाज़ा जा रहा है। टीवी पर प्रसारित होने वाले … Read more

“बेटियां” बिल्कुल “बाप” पर गईं हैं!! – मीनू झा 

बेटा बेटी दोनों बराबर है…यही कहते थे ना आप मुझसे हमेशा जब मैं एक बार और चांस लेने की बात कहती थी…देख लिया ना….बराबर तो है पर सिर्फ पालन पोषण में,शिक्षा दीक्षा में, अधिकारों में…पर जहां कर्तव्य की बात आती है ना, बेटी को कोई नहीं कहता बेटी ने ये नहीं किया बेटी ने वो … Read more

क्या ससुरालवालों से उम्मीद करना गलत है?? –  कनार शर्मा 

मांजी एक ट्रेनिंग प्रोग्राम के चलते मुझे पुणे जाना है आप और विधि मिलकर रिया को संभाल लेंगी ना।  कितने दिन के लिए जाना है बहू…???  जी दो दिन की ट्रेनिंग है तीसरे दिन में घर आ जाऊंगी।  ठीक है वैसे रिया को तुम उसकी नानी के पास छोड़ जाती है तो ज्यादा अच्छा होता…अब … Read more

घर में तुम्हारा मन कहां लगता श्रीमती जी?? –   कनार शर्मा  

शिखा कहां है… मम्मी उससे बोलिए मेरे लिए एक कप अदरक वाली चाय बना दे बहुत सरदर्द हो रहा है… ऑफिस से थका हारा वैभव सोफे पर बैठ अपने जूते मोजे उतारते हुए बोला। अरे बेटा!! बहू तो घर में नहीं है… उसका मन घर में लगता कहां है??!! आज कहां गई है???? अब बेटा … Read more

तुम लौट आओगी ना- मंजुला

  “बाहर झाँक कर देखा तो आसमां गहराने लगा था। साँझ की खिड़की से सूरज हौले हौले उतर रहा था। लेकिन धरा पर उसकी तपिश अभी भी महसूस की जा सकती थी….मैं वहीं खिड़की के समीप खड़ा गहराता आसमान देखने लगा।” “सूरज के उतरने और चाँद के निकलने के बीच ये जो समय होता है … Read more

समधी जी, हमें भी अपना मान-सम्मान प्यारा है!! – चेतना अग्रवाल 

“कुछ फैसले अचानक ही लिये जाते हैं, और मुझे अपने फैसले पर कोई गिला नहीं है… ये फैसला मुझे बहुत पहले ले लेना चाहिए था, लेकिन कोई बात नहीं… देर आये दुरूस्त आये!!” कमला जी ने अपने परिवार से शादी के मंडप से ही वापस चलने के लिए कहा। कमला जी घर में चलती थी, … Read more

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