सुलभा दीदी की बारात – गीतू महाजन
सुलभा की बारात किसी भी वक्त आ सकती थी।सारी तैयारियां ज़ोरों शोरों से हो चुकी थी।सुलभा दुल्हन बनी बहुत ही सुंदर लग रही थी..ऐसा लग रहा था जैसे कोई अप्सरा ही स्वर्ग से धरती पर पधार गई हो।सुलभा की मां उसे देखते हुए उसकी बलाएं लेती थक नहीं रही थी।उन्होंने तो शायद यह सपना देखना … Read more