खिड़की—कहानी—देवेंद्र कुमार

===== एक दिन दिव्या अपनी मम्मी रमा के साथ सीढ़ियों की तरफ जा रही थी, तभी उसकी नज़र सामने वाली खिड़की से नीचे चली गई, और वह जोर से चीख कर माँ से लिपट गई।उसकी आँखें बंद थीं और वह जोर जोर से ‘नहीं नहीं’ कह रही थी।रमा ने बेटी का सिर सहला दिया और … Read more

मन को कचोटती संसद,,, – मंजू तिवारी

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण पापा अक्सर देखते थे तो धीरे-धीरे मेरी रुचि भी पैदा हो गई और समझने लगी यह जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि है। जिनके लिए मेरे मम्मी पापा दोनों ही ने ही वोट डाला था मम्मी को राजनीतिक समझना थी इसलिए पापा जहां बताते मम्मी वहीं वोट डाल … Read more

“पिया ,मोसे छल किए जाए” – सुधा जैन

 मैं एक नारी सब कुछ हारी  पर जीवन से ना हारी, सुनाती हूं अपने जीवन की दास्तान ….नाम नहीं लिखती ….कुछ भी कह सकते हो …।सलोनी… हां प्यारा सा नाम मेरा …अपने मम्मी पापा की लाडली बिटिया …मेरे बाद मेरी छोटी सी एक बहना और दो प्यारे से भाई…. मेरी मम्मी बहुत सहज ,सरल, प्यार … Read more

बेटा होकर तूने मां का भऱोसा तोड़ दिया – अर्चना खंडेलवाल

मम्मी, जरा इस चैक पर साइन कर दीजिए, मुझे पैसों की बहुत जरूरत है, गुड्डी की स्कूल की फीस भरनी है, नीरज ने जल्दबाजी में कहा तो सरला जी भी बोली। हां, कर देती हूं, पहले मेरा चश्मा तो लेकर आ, पता तो लगे कि कितनी रकम निकाल रहा है, और वो अपना चश्मा ढूंढने … Read more

जमीर – विजया डालमिया

अबकी बार छुट्टियों में रैना जब गाँव आयी तो मामा को बेहद गुमसुम पाया। वो मामा जिन्होंने उसके माता-पिता के गुजरने के बाद उसे कभी भी उनकी कमी महसूस नहीं होने दी। यहाँ तक कि उन्होंने उसके लिए खुद शादी करके अपना घर भी नहीं बसाया। उसने  मामा से जब उनकी उदासी की वजह पूछी … Read more

विश्वास के बदले विश्वासघात – पूजा मनोज अग्रवाल

लंबे इंतज़ार के बाद आज ईशा की सगाई का दिन आ गया , ईशा ने  रोहित से शादी करने के लिए पापा मम्मी से जाने कितनी मान मनुहार की थी , तब कहीं जा कर मुश्किलों से मां पापा उसकी शादी रोहित से करने के लिए तैयार हुए थे । ऐसा क्या था जो ईशा … Read more

  जेठानी की चतुराई सामने आ ही गई – अमिता कुचया

रिमझिम को आज सुबह उठने में देर हो गई । उसने घड़ी की ओर देखा तो आठ बज चुके थे, उसने सोचा मम्मी को लगेगा कि मैं देर से उठी हूं, इसलिए उसने सोचा कि क्या किया जाए ••• फिर उसे ख्याल आया मम्मी के पैर की मालिश कर दूं तो वह मेरे देर से … Read more

सुबह का भूला  – डॉ. पारुल अग्रवाल

संध्या जल्दी-जल्दी काम निबटाकर हॉस्पिटल के लिए निकलना चाहती थी क्योंकि आज डिलीवरी का काफ़ी जटिल केस आया हुआ था। हॉस्पिटल से कई बार फोन आ चुका था। वो निकल ही रही थी कि उसके मोबाइल की स्क्रीन पर उसकी सबसे प्यारी सखी का नंबर चमकने लगा। वैसे तो अभी उसके पास सांस लेनी की … Read more

भरोसा – शकुंतला अग्रवाल शकुन 

घर दुल्हन की तरह सजा हुआ है। हो भी क्यों नहीं? इस घर की लाड़ली बिटिया (रीना) की शादी जो है। मंगल-गीत गाए जा रहे हैं।आज रीना के हल्दी लगी है। वो परियों की रानी लग रही है और उसकी सब सहेलियाँ परियाँ।मिसेज वर्मा का तो कहना ही क्या?50 की उम्र में भी, वो तो … Read more

दिल टूटा पर भरोसा नहीं टूटा – सुषमा यादव

दिल के टुकड़े हुए हजार,,पर भरोसा नहीं टूटने दिया,,, पिछले वर्ष करोना काल में मैं भी दिल्ली में ही रह गई थी, वापस नहीं जा पाई, करोना काल में सभी पुराने सीरियल पुनः शुरू हो गये थे, मैंने भी एक सीरियल देखा, ‘ फ़रमान’ , इस में नायिका नायक के अंत समय में भी नहीं … Read more

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