सोने का पिंजरा – दीपा माथुर
बचपन से ही सुनंदा को किताबें पढ़ने का बहुत शौक रहा। जब सुनंदा नन्ही सी थी तब पिताजी अच्छी अच्छी कहानियों के ढेर लगा दिया करते थे। उनको पढ़ कर सहेज कर रखना उसकी आदतों में शुमार था। फिर धीरे धीरे उम्र के साथ किताबों का स्तर भी बढ़ता गया और उन किताबों से मिलने … Read more