तरकीब–कहानी -देवेंद्र कुमार

== छोटे बाजार के मोड़ पर बालू दोसा कार्नर है। वहाँ हर समय ग्राहकों की भीड़ रहती है। उन्हें उस दुकान का दोसा खूब पसंद आता है। ग्राहक आते हैं, दोसे खूब बिकते हैं। बालू खुश रहता है, क्योंकि रोज़ अच्छी आमदनी होती है। परेशान कोई होता है तो रमन और छोटू। क्यों भला? रमन … Read more

हर बार  रिश्ता निभाने के लिए झुकना ज़रूरी नहीं है….. – रश्मि प्रकाश

“ नानी तुमने माँ को ऐसा क्यों बना दिया कि वो अपनी ज़िंदगी का इतना बड़ा फ़ैसला भी खुद नहीं ले सकती थी….. घुट घुट कर रहती रही थी पर ना कभी हमें जताया ना तुम सब उसको समझ पाएँ….. आज इस कदर निराश हो गई कि….।” कहते कहते दीया सुबकने लगी. सुमिता जी नतनी … Read more

एक सास ऐसी भी – संगीता अग्रवाल 

“देखिये मीना जी हमें यूँ तो सिमरन बहुत पसंद है पर ..!” अपने बेटे के लिए लड़की देखने आई संध्या जी लड़की की माँ से बोली। ” पर क्या संध्या जी ?” मीना जी पति चेतन जी को देखते हुए बोली। ” पर मैं चाहती हूँ बात आगे बढ़ाने से पहले मैं सिमरन बेटा से … Read more

श्रृंगार पर हक सिर्फ़ सुहागन का? – सोनिया निशांत कुशवाहा

“अरे जगत की माँ, सोमू कहाँ है? बारात निकलने का समय हो रहा है।” सीमा जी तेज़ कदमों से सोमू के कमरे में पहुँची, तो उनके कदम सोमू को देख ठिठक गए। हल्के आसमानी रंग की प्लेन सिल्क की साड़ी और गले में सोने की चेन पहने सोमू खुद को आईने में निहार रही थी। … Read more

विलायती बहु 

खन्ना परिवार में बहुत दिनों बाद खुशियों की शहनायी बजने वाली थी. क्योंकि खन्ना खानदान में उनकी बड़ी बेटी दीपा की शादी थी. लेकिन शादी के दौरान दीपा का भाई अंश शहर से दूर विलायत में नौकरी करता था. जिसके कारण उसके लिए तुरंत शादी में आना असंभव था. और अंश की अपने पिता से … Read more

*बाँसुरी की तान का जादू* –    मुकुन्द लाल

    उस दिन जब तारा की मालकिन श्रद्धा परिभ्रमण पर निकली हुई थी तो सुबह तड़के ही वह मंदिर के बाग से फूल तोड़ने के लिए उसके भवन से निकल पड़ी। बाग से फूलों को तोड़कर उसने दो मालाएंँ गूंँथ ली। फिर उसे एक डलनी(बहुत छोटी सी टोकरी) में लेकर वह उत्तम के पास पहुंँच गई। … Read more

मां बिना मायका 

मानवी एक ऐसी लड़की है जिसकी मां नहीं है. जब वह एक साल की थी तभी एक गंभीर बीमारी के कारण उसके मां की मौत हो जाती है. उसके पिता ने ही उसे पाल पोस कर बड़ा किया. मानवी के पिता ने अपनी बेटी को संस्कार देने की तो बहुत कोशिश की लेकिन अभी भी … Read more

तीन नालायक बेटे 

बहुत पुरानी  बात है एक गांव में भोलाराय नाम का एक अमीर किसान रहता था. उसकी पत्नी का नाम मंजू था. और उनके तीन पुत्र थे. एक दिन भोलराय ने अपने दोस्त वेंकटेश को बुलाया और उससे कहा, “मैं हर दिन बूढ़ा हो रहा हूं… और मेरी तबीयत भी बिगड़ रही है, पता नही और … Read more

मायके का बटवारा

सुचिता को शादी के तीन साल बीत जाते है. और तीन साल बाद सुचिता की सास कोकिला को अचानक उसके शादी में मिले दहेज की बात याद आती है. दरअसल वो अचानक तो नही पर पड़ोस में जब सहेली की बहु अपने शादी के दहेज में मोटरकार और सोने के बहुत सारे गहने लाती है … Read more

ऐसा बेटा होने से अच्छा बेटा ना हो 

गोपी की बहु वंदना की शादी बेटे सुकेत से हुए अभी कुछ ही दिन बीते थे की अचानक गोपी के पति धीरेंद्र को दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो जाती है. पति की मौत के बाद गोपी बहू वंदना और बेटी संकेत के साथ घर में ही रह रही थी लेकिन कुछ दिन … Read more

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